मिर्गी  

मिर्गी रोग से ग्रसित एक बच्चा

मिर्गी (अंग्रेज़ी: Epilepsy) जिसे 'अपस्मार' भी कहा जाता है, लंबे समय से चलने वाला तंत्रिका संबंधी विकार है, जिसकी पहचान 'मिर्गी के दौरे' से की जाती है। ये दौरे वे घटनाएँ हैं, जो कि लगातार कंपन की संक्षिप्त और लगभग पता न लग पाने वाली घटनाओं से काफ़ी लंबी अवधि तक हो सकती हैं। ज्यादातर मामलों में कारण अज्ञात हैं, तथापि कुछ लोगों में मस्तिष्क की चोट, स्ट्रोक, मस्तिष्क कैंसर और नशीली दवाओं और शराब के दुरुपयोग और अन्य कारणों के परिणामस्वरूप मिर्गी विकसित होती है। मिर्गी में दौरे बार-बार पड़ते हैं और उनका कोई तत्काल अंतर्निहित कारण नहीं होता, जबकि ऐसे दौरे जो किसी एक विशेष कारण से होते हैं, उन्हें मिर्गी का प्रतीक होना नहीं माना जाता है। मिर्गी की पुष्टि अक्सर एक 'इलैक्ट्रोएनस्फैलोग्राम'[1] के साथ की जा सकती है।

परिचय

दुनियाभर के पाँच करोड़ लोग और भारत के क़रीब एक करोड़ लोग मिर्गी के शिकार हैं। विश्व की कुल जनसँख्या के 8 से 10 प्रतिशत तक को अपने जीवन काल में एक बार इसका दौरा पड़ सकता है। आधुनिक काल के बहुत-से वैज्ञनिकों ने यह ज्ञात किया है कि मिर्गी रोग[2] कोई रोग नहीं है, बल्कि यह किसी गंभीर रोग का लक्षण है। दरअसल यह कोई मानसिक रोग नहीं अपितु मस्तिष्कीय विकृति है। यह रोग दिमाग में रक्त के संचरण अथवा तंतुओं में किसी प्रकार की गड़बड़ी आ जाने के कारण होता है। कई डॉक्टरों के अनुसार यह रोग पाचन क्रिया में गड़बड़ी के कारण होता है तथा इसके और भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे- अत्यधिक शराब का सेवन करना, किसी प्रकार से सिर में चोट लग जाना, कोई बहुत बड़ा सदमा हो जाना, मानसिक तनाव आदि तथा मन में किसी प्रकार का डर बैठ जाना।

हमारा मस्तिष्क खरबों तंत्रिका कोशिकाओं से निर्मित है। इन कोशिकाओं की क्रियाशीलता ही हमारे कार्यों को नियंत्रित करती है। मस्तिष्क के समस्त कोषों में एक विद्युतीय प्रवाह होता है। ये सारे कोष विद्युतीय नाड़ियों के ज़रिए आपस में सम्पर्क क़ायम रखते हैं, लेकिन जब कभी मस्तिष्क में असामान्य रूप से विद्युत का संचार होने लगता है, तो मरीज़ को विशेष प्रकार के झटके लगते हैं और वह बेहोश हो जाता है। बेहोशी की अवधि चंद सेकेंड, मिनट या घंटों तक हो सकती है। दौरा समाप्त होते ही मरीज़ सामान्य हो जाता है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मस्तिष्क की विद्युतीय गतिविधि का एक चित्रमय रिकॉर्ड
  2. अपस्मार (Epilepsy)

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