मलिक मुहम्मद जायसी  

मलिक मुहम्मद जायसी
Jayasi.jpg
पूरा नाम मलिक मुहम्मद जायसी
अन्य नाम जायसी
जन्म सन 1397 ई॰ और 1494 ई॰ के बीच
जन्म भूमि रायबरेली ज़िला, उत्तर प्रदेश
मृत्यु '5 रज्जब 949 हिजरी' (सन 1542 ई.)
अभिभावक मलिक राजे अशरफ़
मुख्य रचनाएँ पद्मावत, अखरावट, आख़िरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा अादि
भाषा अवधी
छंद दोहा-चौपाई
शैली आलंकारिक शैली, प्रतीकात्मक शैली, शब्द चित्रात्मक शैली तथा अतिशयोक्ति-प्रधान शैली
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

मलिक मुहम्मद जायसी (अंग्रेज़ी: Malik Muhammad Jayasi, जन्म- 1397 ई॰ और 1494 ई॰ के बीच, मृत्यु- 1542 ई.) भक्तिकाल की निर्गुण प्रेमाश्रयी शाखा व मलिक वंश के कवि है। जायसी अत्यंत उच्चकोटि के सरल और उदार सूफ़ी महात्मा थे। हिन्दी के प्रसिद्ध सूफ़ी कवि, जिनके लिए केवल 'जायसी' शब्द का प्रयोग भी, उनके उपनाम की भाँति, किया जाता है। यह इस बात को भी सूचित करता है कि वे जायस नगर के निवासी थे। इस संबंध में उनका स्वयं भी कहना है,

जायस नगर मोर अस्थानू।
नगरक नाँव आदि उदयानू।
तहाँ देवस दस पहुने आएऊँ।
भा वैराग बहुत सुख पाएऊँ॥[1]

इससे यह भी पता चलता है कि उस नगर का प्राचीन नाम 'उदयान' था, वहाँ वे एक 'पहुने' जैसे दस दिनों के लिए आये थे, अर्थात् उन्होंने अपना नश्वर जीवन प्रारंभ किया था अथवा जन्म लिया था और फिर वैराग्य हो जाने पर वहाँ उन्हें बहुत सुख मिला था।

जन्म

जायस नाम का एक नगर उत्तर प्रदेश के रायबरेली ज़िले में आज भी वर्तमान है, जिसका पुराना नाम 'उद्यान नगर' 'उद्यानगर' या 'उज्जालिक नगर' बतलाया जाता है तथा उसके 'कंचाना खुर्द' नामक मुहल्ले में मलिक मुहम्मद जायसी का जन्म स्थान होना कहा जाता है। कुछ लोगों की धारणा है कि जायसी की जन्म भूमि गाजीपुर में कहीं हो सकती है किन्तु इसके लिए कोई प्रमाण नहीं मिलता। जायस के विषय में कवि ने अन्यत्र भी कहा है,

जायस नगर धरम अस्थानू।
तहवाँ यह कवि कीन्ह बखानू।[2]

इससे जान पड़ता है कि वह उस नगर को 'धर्म का स्थान' समझता था और वहाँ रहकर उसने अपने काव्य 'पद्मावत' की रचना की थी। यहाँ पर नगर का 'धर्म स्थान' होना कदाचित यह भी सूचित करता है कि जनश्रुति के अनुसार वहाँ उपनिषदकालीन उद्दालक मुनि का कोई आश्रम था। गार्सां द तासी नामक फ़्रेंच लेखक का तो यह भी कहना है कि जायसी को प्राय: 'जायसीदास' के नाम से अभिहित किया जाता रहा है।

जन्म को लेकर मतभेद

जायसी की किसी उपलब्ध रचना के अन्तर्गत उसकी निश्चित जन्म-तिथि अथवा जन्म-संवत का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं पाया जाता। एक स्थल पर वे कहते हैं,

भा आवतार मोर नौ सदी।
तीस बरिख ऊपर कवि बदी।[3]

जिसके आधार पर केवल इतना ही अनुमान किया जा सकता है कि उनका जन्म सम्भवत: 800 हिजरी एवं 900 हिजरी के मध्य, अर्थात् सन् 1397 ई॰ और 1494 ई॰ के बीच किसी समय हुआ होगा तथा तीस वर्ष की अवस्था पा चुकने पर उन्होंने काव्य-रचना का प्रारम्भ किया होगा।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 'आख़िरी कलाम' 10
  2. 2.0 2.1 2.2 (‘पद्मावत’) 18, 19, 23
  3. आख़िरी कलाम, 4
  4. नागरी प्रचारिणी पत्रिका, वर्ष 45, पृष्ठ 49
  5. मलिक मुहम्मद जायसी (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल)। । अभिगमन तिथि: 16 अक्टूबर, 2010
  6. शब्दों का दंगल (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल)। । अभिगमन तिथि: 16 अक्टूबर, 2010
  7. मलिक मुहम्मद जायसी (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल)। । अभिगमन तिथि: 16 अक्टूबर, 2010
  8. आख़िरी कलाम 13
  9. आख़िरी कलाम' 8
  10. 10.0 10.1 हिन्दी कुंज (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल)। । अभिगमन तिथि: 16 अक्टूबर, 2010
  11. कविता कोश (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल)। । अभिगमन तिथि: 16 अक्टूबर, 2010
  12. नागरी प्रचारिणी पत्रिका, वर्ष 45 पृष्ठ 58

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