मंगल पांडे  

(मंगल पाण्डे से पुनर्निर्देशित)


निधन

फ़ौजी अदालत ने न्याय का नाटक रचा और फैसला सुना दिया गया। 8 अप्रैल का दिन मंगल पांडे की फाँसी के लिए निश्चित किया गया। बैरकपुर के जल्लादों ने मंगल पांडे के पवित्र ख़ून से अपने हाथ रँगने से इनकार कर दिया। तब कलकत्ता से चार जल्लाद बुलाए गए। 8 अप्रैल, 1857 के सूर्य ने उदित होकर मंगल पांडे के बलिदान का समाचार संसार में प्रसारित कर दिया। भारत के एक वीर पुत्र ने आज़ादी के यज्ञ में अपने प्राणों की आहुति दे दी। वीर मंगल पांडे के पवित्र प्राण-हव्य को पाकर स्वातंत्र्य यज्ञ की लपटें भड़क उठीं। क्रांति की ये लपलपाती हुई लपटें फिरंगियों को लील जाने के लिए चारों ओर फैलने लगीं।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 Ahuja, M. L.। Eminent Indians: Revolutionaries (हिंदी) गूगल बुक्स। अभिगमन तिथि: 13 अप्रॅल, 2014।
  2. कौन-सा नारा किसने दिया (हिंदी) gk-in-hindi.com। अभिगमन तिथि: 03 फ़रवरी, 2017।
  3. प्रथम क्रांतिपुरुष : क्रांतिकारी मंगल पांडे बलिदान दिवस (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल) जय जय भारत। अभिगमन तिथि: 7 जुलाई, 2011

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