भूपालसागर  

भूपालसागर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ शहर से 50 किलोमीटर की दूरी पर चित्तौड़गढ़-उदयपुर वाया मावली स्टेट हाइ वे नम्बर नौ पर स्थित एक छोटा-सा गांव है। भूपालसागर कुछ प्राचीन स्त्रोतों के कारण राजस्थान के मानचित्र पर अपना स्थान बनाये हुये है।

  • यहाँ स्थित प्राचीन जैन मंदिर, विशाल तालाब व शक्कर मिल के कारण इतिहास में इस गांव का नाम अमर है।
  • भूपालसागर पंचायत समिति का प्राचीन नाम 'करेड़ा' हुआ करता था।
  • मेवाड़ रियासत के तत्कालीन महाराणा भूपालसिंह द्वारा यहाँ पर निर्मित एक विशाल तालाब की वजह से राजस्व रिकार्ड में इस गांव का नाम 'करेड़ा' से बदलकर 'भूपालसागर' कर दिया गया।
  • कहा जाता है कि भूपालसागर स्थित तालाब का फैलाव एवं भराव क्षमता उदयपुर की फ़तेहसागर झील से भी ज़्यादा है।
  • इस तालाब से आसपास के कई गांवों में सिंचाई व जल आपूर्ति की जाती है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. करेड़ा पार्श्वनाथ जैन मंदिर (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल.)। । अभिगमन तिथि: 06 मार्च, 2012।

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