भारत का संविधान- परिशिष्ट 4  

भारत का संविधान- परिशिष्ट 4

संविधान (छियासीवां संशोधन) अधिनियम, 2002 [12 दिसम्बर, 2002]

भारत के संविधान का और संशोधन करने के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के तिरपनवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :--

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ----

(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम संविधान (छियासीवां संशोधन) अधिनियम, 2002 है। (2) यह उस तारीख[1] को प्रवृत्त होगा जो केंद्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे।

2. नए अनुच्छेद 21क का अंतस्थापन----

संविधान के अनुच्छेद 21 के पश्चात्, निम्नलिखित अनुच्छेद अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात्:--

“21क. शिक्षा का अधिकार----

राज्य, छह वर्ष से चौदह वर्ष तक की आयु वाले सभी बालकों के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का ऐसी रीति में, जो राज्य विधि द्वारा, अवधारित करे, उपबंध करेगा ।“।

3. अनुच्छेद 45 के स्थान पर नए अनुच्छेद का प्रतिस्थापन----

संविधान के अनुच्छेद 45 के स्थान पर, निम्नलिखित अनुच्छेद रखा जाएगा, अर्थात्:--

“45. छह वर्ष से कम आयु के बालकों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा का उपबंध----

राज्य, सभी बालकों के लिए छह वर्ष की आयु पूरी करने तक, प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा देने के लिए उपबंध करने का प्रयास करेगा ।“।

4. अनुच्छेद 51क का संशोधन----

संविधान के अनुच्छेद 51क में, खंड (ञ) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-- “(ट) यदि माता-पिता या संरक्षक है, छह वर्ष से चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने, यथास्थिति, बालक या प्रतिपाल्य के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करे ।“।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. तारीख अधिसूचित की जानी है।

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