भारत का संविधान- छठी अनुसूची  

(अनुच्छेद 244(2) और अनुच्छेद 275(1)

(असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों) के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में उपबंध[1]

1. स्वशासी ज़िले और स्वशासी प्रदेश[2]

(1) इस पैरा के उपबंधों के अधीन रहते हुए, इस अनुसूची के पैरा 20 से संलग्न सारणी के [3][ [4] [ भाग 1, भाग 2 और भाग 2क] की प्रत्येक मद के और भाग 3] के जनजाति क्षेत्रों का एक स्वशासी ज़िला होगा।
(2) यदि किसी स्वशासी ज़िले में भिन्न-भिन्न अनुसूचित जनजातियां हैं तो राज्यपाल, लोक अधिसूचना द्वारा, ऐसे क्षेत्र या क्षेत्रों को, जिनमें वे बसे हुए हैं, स्वशासी प्रदेशों में विभाजित कर सकेगा।
(3) राज्यपाल, लोक अधिसूचना द्वारा,--
(क) उक्त सारणी के [5] [किसी भाग] में किसी क्षेत्र को सम्मिलित कर सकेगा;
(ख) उक्त सारणी के [6] [किसी भाग] में किसी क्षेत्र को अप वर्जित कर सकेगा;
(ग) नया स्वशासी ज़िला बना सकेगा;
(घ) किसी स्वशासी ज़िले का क्षेत्र बढ़ा सकेगा;
(ङ) किसी स्वशासी ज़िले का क्षेत्र घटा सकेगा;
(च) दो या अधिक स्वशासी ज़िलों या उनके भागों को मिला सकेगा जिससे एक स्वशासी ज़िला बन सके;
[7] [(चच) किसी स्वशासी ज़िले के नाम् में परिवर्तन कर सकेगा; ]
(छ) किसी स्वशासी ज़िले की सीमाएं परिनिश्चित कर सकेगा; परंतु राज्यपाल इस उपपैरा के खंड (ग), खंड (घ), खंड (ङ) और खंड (च) के अधीन कोई आदेश इस अनुसूची के पैरा 14 के उपपैरा (1) के अधीन नियुक्त आयोग के प्रतिवेदन पर विचार करने के पश्चात् ही करेगा, अन्यथा नहीं;
[8] [परंतु यह और कि राज्यपाल द्वारा इस उपपैरा के अधीन किए गए आदेश में ऐसे आनुषंगिक और पारिणामिक उपबंध (जिनके अंतगर्त पैरा 20 का और उक्त सारणी के किसी भाग की किसी मद का कोई संशोधन है) अंतर्विष्ट हो सकेंगे जो राज्यपाल को उस आदेश के उपबंधों को प्रभावी करने के लिए आवश्यक प्रतीत हों।

2. ज़िला परिषदों और प्रादेशिक परिषदों का गठन[9][10]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 34) की धारा 39 द्वारा कुछ शब्दों के स्थान पर (20-2-1987 से) प्रतिस्थापित ।
  2. संविधान (छठी अनुसूची) संशोधन अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा असम में लागू होने के लिए पैरा 1 में उपपैरा (2) के पश्चात् निम्नलिखित परंतुक अंत:स्थापित कर संशोधित किया गया, अर्थात् "परन्तु इस उपपैरा की कोई बात, बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र ज़िले को लागू नहीं होगी।"
  3. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठ वीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) 'भाग क' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  4. संविधान (उनचासवां संशोधन) अधिनियम, 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) "भाग 1 और भाग 2" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  5. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठ वीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) 'भाग क' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  6. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठ वीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) 'भाग क' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  7. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) अंत:स्थापित।
  8. पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) अंत:स्थापित
  9. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा असम में लागू होने के लिए पैरा 2 में उपपैरा (1) के पश्चात् तथा उपपैरा (3) में परन्तुक के पश्चात् क्रमश: निम्नलिखित परंतुक अंत:स्थापित कर संशोधित किया गया, अर्थात्: परंतु यह कि बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद छियालीस से अनधिक सदस्यों से मिलकर बनेगी जिनमें से चालीस सदस्यों को वयस्क मताधिकार के आधार पर निर्वाचित किया जाएगा, जिनमें से तीस अनुसूचित जनजातियों के लिए, पांच गैर जनजातीय समुदायों के लिए, पांच सभी समुदायों के लिए आरक्षित होंगे तथा शेष छह राज्यपाल द्वारा नामनिर्देशित किए जाएंगे जिनके अधिकार और विशेषाधिकार, जिनके अंतर्गत मत देने के अधिकार भी हैं, वही होंगे जो अन्य सदस्यों के हैं, बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र ज़िले के उन समुदायों में से, जिनका प्रतिनिधित्व नहीं है, कम से कम दो महिलाएं होंगी”। “परंतु यह और कि बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र ज़िले के लिए गठित ज़िला परिषद् बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद् कहलाएगी।“
  10. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 1995 (1995 का 42) की धारा 2 द्वारा असम में लागू होने के लिए पैरा 2 में उपपैरा (3) के पश्चात् निम्नलिखित परंतुक अंत:स्थापित किया गया, अर्थात् :-- “परंतु उत्तरी कछार पहाड़ी ज़िले के लिए गठित ज़िला परिषद, उत्तरी कछार प हाड़ी स्वशासी परिषद् कहलाएगी और कार्बी आलांग ज़िले के लिए गठित ज़िला परिषद, कार्बी आलांग स्वशासी परिषद् कहलाएगी।“
  11. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) उपपैरा (1) के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  12. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) ऐसी परिषदों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  13. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) अंत:स्थापित
  14. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) अंत:स्थापित ।
  15. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) अंत:स्थापित।
  16. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) अंत:स्थापित।
  17. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा पैरा 3 असम राज्य को लागू करने में निम्नलिखित रूंप से संशोधित किया गया जिससे उपपैरा (3) निम्नलिखित रूंप से प्रतिस्थापित हो सके, अर्थात् :-- “(3) पैरा 3क के उपपैरा (2) या पैरा 3ख के उपपैरा (2) में जैसा अन्यथा उपबंधित है, उसके सि वाय इस पैरा या पैरा 3क के उपपैरा (1) या पैरा 3ख के उपपैरा (1) के अधीन बनाई गई सभी विधियां राज्यपाल के समक्ष तुरंत प्रस्तुत की जाएंगी और जब तक वह उन पर अनुमति नहीं दे देता है तब तक प्रभावी नहीं होंगी”।
  18. संविधान (छठी अनुसूची) संशोधन अधिनियम, 1995 (1995 का 42) की धारा 2 द्वारा असम में लागू होने के लिए पैरा 3 के पश्चात् तथा संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 की धारा 2 द्वारा पैरा 3क के पश्चात् क्रमश: निम्नलिखित अंत:स्थापित किया गया, अर्थात्;
    3क. उत्तरी कछार पहाड़ी स्वशासी परिषद और कार्बी आलांग स्वशासी परिषद की विधि बनाने की अतिरिक्त शक्तियां--
    (1) पैरा 3 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभा व डाले बिना, उत्तरी कछार पहाड़ी/स्वशासी परिषद और कार्बी आलांग स्वशासी परिषद को, संबंधित ज़िलों के भीतर निम्नलिखित की बाबत विधियां बनाने की शक्ति होगी, अर्थात्;
    (क) सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 7 और प्रविष्टि 52 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, उद्योग;
    (ख) संचार, अर्थात्, सड़कें, पुल, फेरी और अन्य संचार साधन, जो सातवीं अनुसूची की सूची 1 में विनिर्दिष्ट नहीं हैं, नगरपालिक ट्राम, राज्जुमार्ग, अंतर्देशीय जलमार्गों के संबंध में सातवीं अनुसूची की सूची 1 और सूची 3 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अंतर्देशीय जलमार्ग और उन पर यातायात, यंत्र नोदित यानों से भिन्न यान;
    (ग) पशुधन का परिरक्षण, संरक्षण और सुधार तथा जीव वजंतुओं के रोगों का निवारण, पशु चिकित्सा प्रशिक्षण और व्यवसाय; कांजी हाउस;
    (घ) प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा ;
    (ङ) कृषि जिसके अंतर्गत कृषि शिक्षा और अनुसंधान, नाशक जीवों से संरक्षण और पादप रोगों का निवारण है;
    (च) मत्स्य उद्योग;
    (छ) सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 56 के उपबंधों के अधीन रहते हुए,
    जल, अर्थात्, जल प्रदाय, सिंचाई और नहरें, जल निकासी और तटबंध, जल भंडारण और जल शक्ति ;
    (ज) सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक बीमा ;
    नियोजन और बेकारी;
    (झ) ग्रामों, धान के खेतों, बाज़ारों, शहरों आदि के संरक्षण के लिए बाढ़ नियंत्रण स्कीमें (जो तकनीकी प्रकृति की न हों) ;
    (ञ) नाट्यशाला और नाट्य प्रदर्शन; सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 60 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, सिनेमा, खेल-कूद, मनोरंजन और आमोद;
    (ट) लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अस्पताल और औषधालय;
    (ठ) लघु सिंचाईं;
    (ड) खाद्य पदार्थ, पशुओं के चारे, कच्ची कपास और कच्चे जूट का व्यापार और वाणिज्य तथा उनका उत्पादन, प्रदाय और वितरण;
    (ढ) राज्य द्वारा नियंत्रित वित्तपोषित पुस्तकालय, संग्रहालय और वैसी ही अन्य संस्थाएं संसद द्वारा बनाई गई विधि द्वारा या उसके अधीन राष्ट्रीय महत्व के घोषित किए गए प्राचीन और ऐतिहासिक संस्मारकों और अभिलेखों से भिन्न प्राचीन और ऐतिहासिक संस्मारक और अभिलेख; और
    (ण) भूमि का अन्य संक्रामण।
    (2) पैरा 3 के अधीन या इस पैरा के अधीन उत्तरी कछार पहाड़ी स्वशासी परिषद और कार्बी आलांग स्वशासी परिषद द्वारा बनाई गई सभी विधियां, जहां तक उनका संबंध सातवीं अनुसूची की सूची 3 में विनिर्दिष्ट विषयों से है, राज्यपाल के समक्ष तुरंत प्रस्तुत की जाएंगी, जो उन्हें राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखेगा ।
    (3) जब कोई विधि राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख ली जाती है तब राष्ट्रपति घोषित करेगा कि वह उक्त विधि पर अनुमति देता है या अनुमति रोक लेता है :
    परंतु राष्ट्रपति राज्यपाल को यह निदेश दे सकेगा कि वह विधि को, यथास्थिति, उत्तरी कछार पहाड़ी स्वशासी परिषद या कार्बी आलांग स्वशासी परिषद को ऐसे संदेश के साथ यह अनुरोध करते हुए लौटा दे कि उक्त परिषद विधि या उसके किन्हीं विनिर्दिष्ट उपबंधों पर पुनर्विचार करे और विशिष्टतया , किन्हीं ऐसे संशोधनों के पुर:स्थापन की वांछनीयता पर विचार करे जिनकी उसने अपने संदेश में सिफारिश की है और जब विधि इस प्रकार लौटा दी जाती है तब ऐसा संदेश मिलने की तारीख से छह मास की अवधि के भीतर परिषद ऐसी विधि पर तदनुसार विचार करेगी और यदि विधि उक्त परिषद द्वारा संशोधन सहित या उसके बिना फिर से पारित कर दी जाती है तो उसे राष्ट्रपति के समक्ष उसके विचार के लिए फिर से प्रस्तुत किया जाएगा”।
    3ख- बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद् की विधियां बनाने की अतिरिक्त शक्तियां --
    (1) पैरा 3 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद को, अपने क्षेत्रों में, निम्नलिखित के संबंध में विधियां बनाने की शक्ति होगी, अर्थात्;
    (i) कृषि, जिसके अंतर्गत कृषि शिक्षा और अनुसंधान, नाशक जीवों से संरक्षण और पादप रोगों का निवारण है;
    (ii) पशुपालन और पशु चिकित्सा अर्थात् पशुधन का परिरक्षण, सरंक्षण और सुधार तथा जीव जंतुओं के रोगों का निवारण, पशु चिकित्सा प्रशिक्षण और व्यवसाय, कांजी हाऊस;
    (iii) सहकारिता;
    (iv) सांस्कृतिक कार्य;
    (v) शिक्षा अर्थात् प्राइमरी शिक्षा, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा जिसमें वृत्तिक प्रशिक्षण, प्रौढ़ शिक्षा, महाविद्यालय शिक्षा (साधारण) भी है;
    (vi) मत्स्य उद्योग;
    (vii) ग्राम, धान के खेतों, बाज़ारों और शहरों के संरक्षण के लिए बाढ़ नियंत्रण (जो तकनीकी प्रकृति का न हो);
    (viii) खाद्य और सिविल आपूर्ति;
    (ix) वन (आरक्षित वनों को छोड़कर);
    (x) हथकरघा और वस्त्र;
    (xi) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण;
    (xii) सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 84 के उपबंधों के अधीन रहते हुए मादक लिकर, अफीम और युत्पन्न;
    (xiii) सिंचाई;
    (xiv) श्रम और रोजगार;
    (xv) भूमि और राजस्व;
    (xvi) पुस्तकालय सेवाएं (राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित और नियंत्रित);
    (xvii) लाटरी (सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 40 के उपबंधों के अधीन रहते हुए), नाट्यशाला, नाट्य प्रदर्शन और सिनेमा (सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 60 के उपबंधों के अधीन रहते हुए) ;
    (xviii) बाज़ार और मेले ;
    (xix) नगर निगम, सुधार न्यास, ज़िला बोर्ड और अन्य स्थानीय प्राधिकारी;
    (xx) राज्य द्वारा नियंत्रित या वित्तपोषित संग्रहालय और पुरातत्व विज्ञान संस्थान, संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके राष्ट्रीय महत्व के घोषित किए गए प्राचीन और ऐतिहासिक संस्मारकों और अभिलेखों से भिन्न, प्राचीन
    और ऐतिहासिक संस्मारक और अभिलेख;
    (xxi) पंचायत और ग्रामीण विकास;
    (xxii) योजना और विकास;
    (xxiii) मुद्रण और लेखन सामग्री;
    (xxiv) लोक स्वास्थ्य इंजीनियरी ;
    (xxv) लोक निर्माण विभाग;
    (xxvi) प्रचार और लोक संपर्क ;
    (xxvii) जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रीकरण ;
    (xxviii) सहायता और पुनर्वास;
    (xxix) रेशम उत्पादन;
    (xxx) सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 7 और प्रविष्टि 52 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, लघु, कुटीर और ग्रामीण उद्योग;
    (xxxi) समाज कल्याण;
    (xxxii) मृदा संरक्षण ;
    (xxxiii) खेलकूद और युवा कल्याण;
    (xxxiv) सांख्यिकी ;
    (xxxv) पर्यटन;
    (xxxvi) परिवहन (सड़कें, पुल, फेरी और अन्य संचार साधन, जो सातवीं अनुसूची की सूची 1 में विनिर्दिष्ट नहीं हैं, नगरपालिका ट्राम, रज्जुमार्ग, अन्तरदेशीय जलमार्गों के संबंध में सातवीं अनुसूची की सूची 1 और सूची 3 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अन्तरदेशीय जलमार्ग और उन पर यातायात, यंत्र नोदित यानों से भिन्न यान;
    (xxxvii) राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित और वित्तपोषित जनजाति अनुसंधान संस्थान;
    (xxxviii) शहरी विकास-नगर और ग्रामीण योजना;
    (xxxix) सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 50 के उपबंधों के अधीन रहते हुए बाट और माप;
    और
    (xl) मैदानी जनजातियों और पिछड़े वर्गों का कल्याण;
    परंतु ऐसी विधियों की कोई बात,--
    (क) इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख पर किसी नागरिक के उसकी भूमि के संबंध में विद्यमान अधिकारों और विशेषाधिकारों को समाप्त या उपांतरित नहीं करेगी;
    और
    (ख) किसी नागरिक को विरासत, आबंटन, व्यवस्थापान के रूप में या अंतरण की किसी अन्य रीति से भूमि अर्जित करने से अनुज्ञात करने से अनुज्ञात नहीं करेगी यदि ऐसा नागरिक बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र ज़िले के भीतर भूमि के ऐसे अर्जन के लिए अन्यथा पात्र है।
    (2) पैरा 3 के अधीन या इस पैरा के अधीन बनाई गई सभी विधियां, जहां तक उनका संबंध सातवीं अनुसूची की सूची 3 में विनिर्दिष्ट विषयों से है, राज्यपाल के समक्ष तुरंत प्रस्तुत की जाएंगी जो उन्हें राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखेगा।
    (3) जब कोई विधि राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख ली जाती है, तब विचार घोषित करेगा कि वह उक्त विधि पर अनुमति देता है या अनुमति रोक लेता है;
    परंतु राष्ट्रपति राज्यपाल को यह संदेश दे सकेगा कि वह विधि को, बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद को ऐसे संदेश के साथ यह अनुरोध करते हुए लौटा दे कि उक्त परिषद विधि या उसके किन्हीं विनिर्दिष्ट उपबंधों पर पुनिर्वचार करे और वशिष्टियाँ, किन्हीं ऐसे संशोधनों को पुर:स्थापित करने की वांछनीयता पर विचार करे जिनकी उसने अपने संदेश में सिफारिश की है और जब विधि इस प्रकार लौटा दी जाती है तब उक्त परिषद, ऐसे संदेश की प्राप्ति की तारीख से छह मास की अवधि के भीतर ऐसी विधि पर तदनुसार विचार करेगी और यदि विधि उक्त परिषद द्वारा, संशोधन सहित या उसके बिना, फिर से पारित कर दी जाती है तो उसे राष्ट्रपति के समक्ष उसके विचार के लिए फिर से प्रस्तुत किया जाएगा ।
  19. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) कुछ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  20. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) खंड (झ) के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  21. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा पैरा 4 असम राज्य को लागू करने में निम्नलिखित रूंप से संशोधित किया गया जिससे उपपैरा (5) के पश्चात् निम्नलिखित अंत:स्थापित् किया जा सके, अर्थात्: - “ (6) इस पैरा की कोई बात, इस अनुसूची के पैरा 2 के उपपैरा (3) के परंतुक के अधीन गठित बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद को लागू नहीं होगी”।
  22. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “आसाम के” शब्दों का लोप किया गया
  23. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970से) अंत:स्थापित ।
  24. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) कुछ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  25. अब दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) देखें ।
  26. अब दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) देखें ।
  27. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) अंत:स्थापित ।
  28. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) पैरा 6 के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  29. निरसन और संशोधन अधिनियम, 1974 (1974 का 56) की धारा 4 द्वारा “कांजी हाउस” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  30. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71(i) और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “यथास्थिति, आसाम या मेघालय” शब्दों का लोप किया गया।
  31. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) उपपैरा (2) के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  32. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71(i) और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) कुछ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  33. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) अंत:स्थापित ।
  34. संविधान (छठी अनुसूची) संशोधन अधिनियम, 1988 (1988 का 67) की धारा 2 द्वारा पैरा 9 त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों को लागू करने में निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया जिससे उपपैरा (2) के पश्चात् निम्नलिखित उपपैरा अंत:स्थापित किया जा सके, अर्थात्: “(3) राज्यपाल, आदेश द्वारा, यह निदेश दे सकेगा कि इस पैरा के अधीन ज़िला परिषद को दिया जाने वाला स्वामिस्व का अंश उस परिषद को, यथास्थिति, उपपैरा (1) के अधीन किसी करार या उपपैरा (2) के अधीन किसी अवधारण की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर किया जाएगा”।
  35. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 (i) और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “असम सरकार” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  36. संविधान (छठी अनुसूची) संशोधन अधिनियम, 1988 (1988 का 67) की धारा 2 द्वारा पैरा 10 त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों को लागू करने में निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया; --
    ‘(क) शीर्षक में से जनजातियों से भिन्न व्यक्तियों की’ शब्दों का लोप किया जाएगा;
    (ख) उपपैरा (1) में से “जनजातियों से भिन्ना” शब्दों का लोप किया जाएगा;
    (ग) उपपैरा (2) में, खंड (घ) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात्;
    “(घ) विहित कर सकेंगे कि कोई व्यक्ति, जो ज़िले में निवासी है ज़िला परिषद द्वारा इस निमित्त दी गई अनुज्ञप्ति के अधीन कोई थोक या फुटकर व्यापार करेगा अन्यथा नहीं”।
  37. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा पैरा 10 असम राज्य को लागू करने में निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया जिससे उपपैरा (3) के पश्चात् निम्नलिखित अंत:स्थापित किया जा सके, अथवा;
    “(4) इस पैरा की कोई बात, इस अनुसूची के पैरा 2 के उपपैरा (3) के परंतुक के अधीन गठित बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद को लागू नहीं होगी”।
  38. संविधान (छठी अनुसूची) संशोधन अधिनियम, 1995 (1995 का 42) की धारा 2 द्वारा पैरा 12 असम राज्य को लागू होने के लिए निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया, अर्थात्: ‘पैरा 12 के उपपैरा (1) में “इस अनुसूची के पैरा 3 में ऐसे विषयों” शब्दों और अंक के स्थान पर, इस अनुसूची के पैरा 3 या पैरा 3क में ऐसे विषयों शब्द, अंक और अक्षर रखे जाएंगे’।
  39. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा पैरा 12 असम राज्य को लागू करने में निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया, अर्थात्; ‘पैरा 12 के उपपैरा (1) के खंड (क) में, “इस अनुसूची के पैरा 3 या पैरा 3क में ऐसे विषयों के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है” शब्दों, अंकों और अक्षर के स्थान पर, “इस अनुसूची के पैरा 3 या पैरा 3क या पैरा 3ख में ऐसे विषयों के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है” शब्द, अंक और अक्षर रखे जाएंगे;
  40. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) शीर्षक के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  41. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “राज्य का विधान-मंडल” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  42. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “राज्य का विधान-मंडल” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  43. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) अंत:स्थापित।
  44. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठ वीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “राज्य का विधान-मंडल” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  45. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) अंत:स्थापित।
  46. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठ वीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) पैरा 12क के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  47. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 1988 (1988 का 76) की धारा 2 द्वारा पैरा 12कक और 12ख के स्थान पर प्रतिस्थापित। पैरा 12कक संविधान (उनचास वां संशोधऩ) अधिनियम, 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) अंत:स्थापित किया गया था।
  48. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “असम” शब्द का लोप किया गया।
  49. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) आधिनियम, 1995 (1995 का 42) की धारा 2 द्वारा पैरा 14 “असम” राज्य में लागू होने के लिए निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया, अर्थात्:-‘पैरा 14 के उपपैरा (2) में, “राज्यपाल की उससे संबंधित सिफारिशों के साथ” शब्दों का लोप किया जाएगा’।
  50. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से) “असम सरकार” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  51. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 1988 (1988 का 67) की धारा 2 द्वारा पैरा 15 त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों को लागू करने में निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया है:--- ‘(क) आरंभिक भाग में, “राज्य के विधान-मंडल” द्वारा शब्दों के स्थान पर “राज्यपाल द्वारा” शब्द रखे जाएंगे; (ख) परन्तुक का लोप किया जाएगा’।
  52. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970से) अंत:स्थापित।
  53. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 1988 (1988 का 67) की धारा 2 द्वारा पैरा 16 त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों को लागू करने में निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया है:--- ‘(क) उपपैरा (1) के खंड (ख) में आने वाले राज्य के विधान-मंडल के पूर्व अनुमोदन से शब्दों और दूसरे परन्तुक का लोप किया जाएगा; (ख) उपपैरा (3) के स्थान पर निम्नलिखित उपपैरा रखा जाएगा, अर्थात् :--- “(3) इस पैरा के उपपैरा (1) या उपपैरा (2) के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, उसके लिए जो कारण है उनके सहित, राज्य के विधान-मंडल के समक्ष रखा जाएगा’”।
  54. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से) पैरा 16 को उपपैरा (1) के रूप में पुनर्संख्यांकित किया गया ।
  55. आसाम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम, 1969 (1969 का 55) की धारा 74 और चौथी अनुसूची द्वारा (2-4-1970 से ) अंत:स्थापित।
  56. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा पैरा 17 असम राज्य को लागू करने में निम्नलिखित अंत:स्थापित किया गया, अर्थात:-- “परन्तु इस पैरा की कोई बात बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र ज़िला को लागू नहीं होगी”।
  57. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से ) “असम की विधान सभा” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  58. संविधान (उनचासवां संशोधन) अधिनियम, 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) अंत:स्थापित।
  59. मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 34) की धारा 39 द्वारा (20-2-1987 से ) अंत:स्थापित ।
  60. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से ) अंत:स्थापित।
  61. संविधान (उनचासवां संशोधन) अधिनियम, 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) अंत:स्थापित।
  62. मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 34) की धारा 39 द्वारा (20-2-1987 से ) अंत:स्थापित ।
  63. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से ) पैरा 18 का लोप किया गया।
  64. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा पैरा 19 असम राज्य को लागू करने में निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया जिससे उपपैरा (3) के पश्चात् निम्नलिखित अंत:स्थापित किया गया अर्थात्:- ‘(4) इस अधिनियम के प्रारंभ के पश्चात्, यथाशीघ्र असम में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र ज़िले के लिए एवं अंतरिम कार्यपालक परिषद, राज्यपाल द्वारा बोडो आन्दोलन के नेताओं में से, जिनके अंतर्गत समझौते के ज्ञापन के हस्ताक्षरकर्ता भी हैं, बनाई जाएगी और उसमें उस क्षेत्र के गैर जनजातीय समुदायों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा : परंतु अन्तरिम परिषद छह मास की अवधि के लिए होगी जिसके दौरान परिषद का निर्वाचन कराने का प्रयास किया जाएगा। स्पष्टीकरण-- इस उपपैरा के प्रयोजनों के लिए, “समझौते का ज्ञापन” पद से भारत सरकार, असम सरकार और बोडो लिबरेशन टाइगर्स के बीच 10 फरवरी, 2003 को हस्ताक्षारित ज्ञापन अभिप्रेत है।
  65. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 71 और आठवीं अनुसूची द्वारा (21-1-1972 से ) “पैरा 20 और 20क के” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  66. संविधान (उनचासवां संशोधन) अधिनियम, 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) अंत:स्थापित।
  67. संविधान (उनचासवां संशोधन) अधिनियम, 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) अंत:स्थापित।
  68. मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 34) की धारा 39 द्वारा (20-2-1987 से) “संघ राज्यक्षेत्र” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  69. संविधान (उनचास वां संशोधन) अधिनियम, 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) “नीचे दी गई सारणी में” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  70. 6 मेघालय सरकार के अधिसूचना सं0 डी.सी.ए. 31/72/11, तारीख 14 जून, 1973, मेघालय का राजपत्र, भाग V क, तारीख 23-6-1973 पृ. 200 द्वारा प्रतिस्थापित।
  71. असम सरकार द्वारा तारीख 14-10-1976 की अधिसूचना सं. टी.ए.डी / आर 115/74/47 द्वारा “मिकीर पहाडी जिला” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  72. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 2003 (2003 का 44) की धारा 2 द्वारा असम राज्य को लागू करने में पैरा 20 की सारणी के भाग 1 में प्रविष्टि 2 के पश्चात् निम्नलिखित प्रविष्टि अंत:स्थापित की गई, अर्थात्:-- “ 3. बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र जिला”।
  73. असम सरकार द्वारा तारीख 14-10-1976 की अधिसूचना सं. टी.ए.डी / आर 115/74/47 द्वारा “मिकीर पहाडी जिला” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  74. मेघालय सरकार की अधिसूचना सं. डी.सी.ए. 31/72/11 तारीख 14 जून, 1973 मेघालय का राजपत्र, भाग V क, तारीख 23-6-1973 पृष्ठ 200 द्वारा प्रतिस्थापित ।
  75. संविधान उनचासवां सशोधन अधिनियम 1984 की धारा 4 द्वारा (1-4-1985 से) अन्त:स्थापित ।
  76. संघ राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) अधिनियम, 1971 (1971 का 83) की धारा 13 द्वारा (29-4-1972 से) “मिजो जिला” शब्दों का लोप किया गया।
  77. मिजोरम का राजपत्र 1972, तारीख 5 मई, 1972, जिल्द 1, भाग II, पृ0 17 में प्रकाशित मिजोरम ज़िला परिषद (प्रकीर्ण उपबंध) आदेश, 1972 द्वारा (29-4-1972 से) अंत:स्थापित।
  78. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 1988 (1988 का 67) की धारा 2 द्वारा क्रम सं0 2 और 3 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  79. संघ राज्यक्षेत्र सासन (संशोधन) अधिनियम, 1971 (1971 का 83) की धारा 13 द्वारा (29-4-1972 से), पैरा 20क के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  80. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 1995 (1995 का 42) की धारा 2 द्वारा असम में लागू होने के लिए पैरा 20ख के पश्चात् निम्नलिखित पैरा अंत:स्थापित किया गया, अर्थात् : - “20खक. राज्यपाल द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन में वैवेकिक शक्तियों का प्रयोग--राज्यपाल, इस अनुसूची के पैरा 1 के उपपैरा (2) और उपपैरा (3), पैरा 2 के उपपैरा (1), उपपैरा (6), उपपैरा (6क) के पहले परन्तुक को छोड़कर और उपपैरा (7), पैरा 3 के उपपैरा (3), पैरा 4 के उपपैरा (4), पैरा 5, पैरा 6 के उपपैरा (1), पैरा 7 के उपपैरा (2), पैरा 8 के उपपैरा (4), पैरा 9 के उपपैरा (3), पैरा 10 के उपपैरा (3), पैरा 14 के उपपैरा (1), पैरा 15 के उपपैरा (1) और पैरा 16 के उपपैरा (1) और उपपैरा (2) के अधीन अपने कृत्यों के निर्वहन में, मंत्रिपरिषद और, यथास्थिति, उत्तरी कछार पहाड़ी स्वशासी परिषद या कार्बी आंगलांग पहाड़ी स्वशासी परिषद से परामर्श करने के पश्चात् ऐसी कार्रवाई करेगा, जो वह स्व विवेकानुसार आवश्यक मानता है”।
  81. संविधान छठी अनुसूची (संशोधन) अधिनियम, 1988 (1988 का 67) की धारा 2 द्वारा त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों को लागू करने में, पैरा 20ख के पश्चात् निम्नलिखित पैरा अंत:स्थापित किया गया है, अर्थात् :- “20खख. राज्यपाल द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन में वैवेकिक शक्तियों का प्रयोग--राज्यपाल, इस अनुसूची के पैरा 1 के उपपैरा (2) और उपपैरा (3), पैरा 2 के उपपैरा (1) और उपपैरा (7), पैरा 3 का उपपैरा (3), पैरा 4 का उपपैरा (4), पैरा 5, पैरा 6 का उपपैरा (1), पैरा 7 का उपपैरा (2), पैरा 9 का उपपैरा (3), पैरा 14 के उपपैरा (1) और पैरा 16 का उपपैरा (1) और उपपैरा (2) के अधीन अपने कृत्यों के निर्वहन में, मंत्रिपरिषद से और यदि वह आवश्यक समझे तो संबंधित ज़िला परिषद या प्रादेशिक परिषद से परामर्श करने के पश्चात्, ऐसी कार्रवाई करेगा, जो वह स्वविवेकानुसार आवश्यक समझे”।

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