बैंगन  

बैंगन

बैंगन एक लोकप्रिय सब्ज़ी है। बैंगन का जन्म स्थान भारत ही है। बैंगन का वानस्पतिक नाम सोलेनम मेलान्जिना है और अंग्रेज़ी भाषा में बैंगन को ब्रिंजल कहा जाता है। बैंगन जितना कोमल और मुलायम होते हैं, उतने ही ज़्यादा गुण वाले और बलवर्धक माने जाते हैं। यह तब उगाया जाना चाहिए जब कि रोजाना का ओसत तापमान 22-30 की श्रेणी में हो, बैंगन बहुत ज़्यादा गर्म और सूखे मौसम को बर्दाशत नहीं कर पाता है। बैंगन गर्म जलवायु का पौधा होता है तथा पाला सहन करने की क्षमता कम होती है।[1] बैंगन की लोकप्रियता स्वाद और गुण के नज़र से ठंडी के मौसम तक ही रहती है। इसलिए पूरे सर्दी के मौसम की सब्जी-भाजियों में बैंगन को राजा के रूप में माना जाता है। गर्मी के महीनों में इसका स्वाद भी बदल जाता है। बैंगन की उन्नत किस्मों को फलों के आकार के अनुसार निम्न दो भागों में विभक्त किया जाता है:- लम्बा बैंगन और गोल बैंगन[2]

उत्पत्ति

बैंगन की उत्पत्ति सम्भवतः भारत के उष्ण कटिबंध प्रदेशों में हुई हमारे देश में इसकी खेती प्राचीन काल से हो रही है। पुराने ग्रन्थों में इसका उल्लेख लगभग पाँचवी शताब्दी में मिलता है। बैंगन अभी भी भारत के कुछ क्षेत्रों में जगंली रूप से उगता हुआ पाया जाता है। चीन में इसकी खेती का उल्लेख 1500 वर्ष से भी पूर्व मिलता है।[3]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. बैंगन (हिन्दी) ग्रामीण सूचना एवंम ज्ञान केन्द्र। अभिगमन तिथि: 26 अगस्त, 2010
  2. बैंगन (हिन्दी) डील। अभिगमन तिथि: 26 अगस्त, 2010
  3. बैंगन (हिन्दी) उत्तरा कृषि प्रभा। अभिगमन तिथि: 26 अगस्त, 2010
  4. बैंगन (Eggplant) (हिन्दी) जनकल्याण। अभिगमन तिथि: 26 अगस्त, 2010
और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=बैंगन&oldid=483205" से लिया गया