बाल दिवस  

बाल दिवस
बाल दिवस मनाते बच्चे
विवरण 'बाल दिवस' भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उद्देश्य बाल दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
तिथि 14 नवंबर
उत्सव एवं कार्यक्रम यह बच्चों के लिए उल्लास में डूब जाने का दिन है। स्कूलों में भी यह दिन बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। संपूर्ण भारत में इस दिन स्कूलों में प्रश्नोतरी, फैंसी परिधान प्रतियोगिता और बच्चों की कला प्रदर्शनियों जैसे कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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अन्य जानकारी बाल दिवस मनाने की शुरुआत 1925 में जिनेवा के एक शिखर सम्मेलन से हुई जिसमें 54 लोगों ने भाग लिया था।

बाल दिवस प्रत्येक 14 नवंबर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। ‘बाल दिवस’ पर जगह-जगह समाराहों का आयोजन किया जाता है। पं. जवाहर लाल नेहरू को ‘चाचा नेहरू’ कहा जाता था और उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ‘बाल दिवस’ स्कूलों तथा अन्य संस्थाओं में धूमधाम से मनाया जाता है।[1] बच्चे जवाहर लाल नेहरू को 'चाचा' इसलिए कहते थे क्योंकि बच्चों को चाचा जितना प्यारा कोई नहीं होता। बाप से डरते हैं, दादा-दादी किस्से- कहानी तो सुना सकते हैं लेकिन आइसक्रीम खिलाने, घुमाने नहीं ले जा सकते, लेकिन चाचू, उनकी पीठ पर चढ़ सकते हैं, खेल सकते हैं, सीख सकते हैं, वो शिक्षक भी है और दोस्त भी।

अन्य देशों में बाल दिवस

भारत में यह दिन स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन 14 नवंबर को मनाया जाता है। कहा जाता है कि पंडित नेहरू बच्चों से बेहद प्यार करते थे इसलिए बाल दिवस मनाने के लिए उनका जन्मदिन चुना गया। असल में बाल दिवस की नींव 1925 में रखी गई थी, जब बच्चों के कल्याण पर 'विश्व कांफ्रेंस' में बाल दिवस मनाने की सर्वप्रथम घोषणा हुई। 1954 में दुनिया भर में इसे मान्यता मिली। संयुक्त राष्ट्र ने यह दिन 20 नवंबर के लिए तय किया लेकिन अलग अलग देशों में यह अलग दिन मनाया जाता है। कुछ देश 20 नवंबर को भी बाल दिवस मनाते हैं। 1950 से 'बाल संरक्षण दिवस' यानि 1 जून भी कई देशों में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि हर बच्चा ख़ास है और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उनकी मूल ज़रूरतों और पढ़ाई लिखाई की ज़रूरतों का पूरा होना बेहद ज़रूरी है. यह दिन बच्चों को उचित जीवन दिए जाने की भी याद दिलाता है।[2]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. आज ‘बाल दिवस’ है! (हिन्दी) जोश 18। अभिगमन तिथि: 9 नवंबर, 2010
  2. इतिहास में आज: 14 नवंबर (हिंदी)। । अभिगमन तिथि: 14 नवंबर, 3013।
  3. चाचा नेहरू का बाल प्रेम (हिन्दी) वेब दुनिया। अभिगमन तिथि: 9 नवंबर, 2010
  4. सही मायने में बाल दिवस (हिन्दी) वेब दुनिया। अभिगमन तिथि: 9 नवंबर, 2010
  5. मीठा बचपन-सौंधा बचपन (हिन्दी) वेब दुनिया। अभिगमन तिथि: 9 नवंबर, 2010
  6. आँखों के तारे को संभालें (हिन्दी) वेब दुनिया। अभिगमन तिथि: 9 नवंबर, 2010
  7. 7.0 7.1 बाल दिवस (हिन्दी) bharat.gov.in। अभिगमन तिथि: 9 नवंबर, 2010

बाहरी कड़ियाँ

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