फूँक वाद्य  

फूँक से बजाने वाले वाद्य यंत्रों को फूँक वाद्य कहा जाता है।

बाँसुर

इसे बाँस से बनाया जाता है। सात स्वरों वाले इस वाद्य यंत्र को लोक वादक तथा शास्त्रीय वादक अपने-अपने तरीके से बजाते हैं। बाँसुरी को स्वर से अत्यधिक बजाते हैं।

अलगोजा

यह बाँसुरी के समान होता है। वादक दो अलगोजे मुँह में रखकर एक साथ बजाता है। राजस्थान में अनेक प्रकार के अलगोजे प्रचलित हैं। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों, विशिष्ट रूप से आदिवासी क्षेत्रों में इस यंत्र का प्रयोग किया जाता है। इसे कालबेलिए भी बजाते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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