फ़ैज़ी  

फ़ैज़ी
फ़ैज़ी
पूरा नाम शेख़ अबु अल फ़ैज़
जन्म 20 सितम्बर, 1547
जन्म भूमि आगरा
मृत्यु तिथि 15 अक्टूबर, 1595
मृत्यु स्थान लाहौर
पिता/माता पिता- शेख़ मुबारक़ नागौरी
प्रसिद्धि फ़ारसी विद्वान तथा कवि
संबंधित लेख मुग़ल काल, मुग़ल वंश, अकबर, अकबर के नवरत्न, अबुल फ़ज़ल
अन्य जानकारी फ़ैज़ी अकबर के नवरत्नों में से एक था, जिसका मुग़ल साम्राज्य में बहुत मान-सम्मान था। वह अबुल फ़ज़ल का बड़ा भाई था।

फ़ैज़ी (पूरा नाम- शेख़ अबु अल फ़ैज़, जन्म- 20 सितम्बर, 1547, आगरा; 15 अक्टूबर, 1595, लाहौर) मध्यकालीन भारत का एक विद्वान् साहित्यकार और फ़ारसी का प्रसिद्ध कवि था। वह अकबर के नवरत्नों में से एक था, जिसका मुग़ल साम्राज्य में बहुत मान-सम्मान था।

परिचय

अकबरी दरबार के महान रत्न फ़ैज़ी अपने समय के स्वतंत्र विचारक शेख़ मुबारक़ नागौरी के पुत्र और अबुल फ़जल के बड़े भाई थे। फ़ैज़ी का पूरा नाम शेख़ अबु अल फ़ैज़ था। फ़ैज़ी का पिता शेख़ मुबारक़ नागौरी सिंध प्रदेश के सीस्तान, सहवान के पास एक सिंधी, शेख़ मूसा की पीढ़ी से सम्बन्ध रखता थे। शेख़ नागौरी सभी लोगों से समानता का व्यवहार करते थे। उन्होंने शिया और सुन्नी में कभी कोई भेद नहीं किया।

आगरा के एक मामूली हस्ती के परिवार में फ़ैज़ी और अबुल फ़जल का जन्म हुआ। फ़ैज़ी का जन्म 20 सितम्बर, 1547 को हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा काफ़ी हद तक अपने पिता शेख़ नागौरी से ही प्राप्त की थी। अपनी असाधारण योग्यता के बल पर ही दोनों भाइयों ने अकबर के रत्नों और मंत्रियों में स्थान पाया। बाप और बेटे अकबर के 'दीन-ए-इलाही' में दीक्षित हुए थे। कट्टर मुसलमान अकबर के साथ-साथ इन फ़ैज़ी और अबुल फ़जल बंधुओं को भी काफ़िर मानते थे। इसमें सन्देह नहीं कि अकबर को धार्मिक पक्षपात से ऊपर उठाने में इन दोनों भाइयों का बहुत बड़ा हाथ था।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारत इतिहास संस्कृति और विज्ञान |लेखक: गुणाकर मुले |प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन |पृष्ठ संख्या: 250 |

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