पुरोचन  

पुरोचन हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र के पुत्र दुर्योधन का मित्र तथा मंत्री था। इसे पांडवों को लाक्षागृह में जलाकर भस्म कर देने का कार्य सौंपा गया था। भीमसेन माता कुन्ती सहित वन चले गए और पुरोचन के घर में आग लगा दी, जिससे वह स्वयं ही जलकर भस्म हो गया।

महाभारत में ऐसा उल्लेख मिलता है कि एक बार पांडव अपनी माता कुन्ती के साथ वारणावत नगर में महादेव का मेला देखने गये। दुर्योधन ने इसकी पूर्व सूचना प्राप्त करके अपने एक मन्त्री पुरोचन को वहाँ भेजकर एक लाक्षागृह तैयार कराया। पुरोचन पांडवों को जलाने की प्रतीक्षा करने लगा। योजना के अनुसार पांडव लाक्षागृह में रहने लगे। घर को देखने से तथा विदुर के कुछ संकेतों से पांडवों को घर का रहस्य ज्ञात हो गया। विदुर के एक व्यक्ति ने उसमें गुप्त सुरंग बनायी, जिसके द्वारा आग लगने की स्थिति में निकल सकना सम्भव था।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=पुरोचन&oldid=615507" से लिया गया