पारिजात  

Disamb2.jpg पारिजात एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- पारिजात (बहुविकल्पी)
पारिजात
पारिजात के फूल
जगत पादप (Plantae)
गण लेमिएल्स (Lamiales)
कुल ओलिऐसी (Oleaceae)
जाति निक्टेन्थिस (Nyctanthes)
प्रजाति आर्बोर्ट्रिस्टिस (arbor-tristis)
द्विपद नाम निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस (Nyctanthes arbor-tristis)
अन्य नाम प्राजक्ता, परिजात, हरसिंगार, शेफालिका, शेफाली, शिउली
धार्मिक मान्यता धन की देवी लक्ष्मी को पारिजात के पुष्प प्रिय हैं। उन्हें प्रसन्न करने में भी पारिजात वृक्ष का उपयोग किया जाता है।
अन्य जानकारी यह सारे भारत में पैदा होता है। यह माना जाता है कि पारिजात के वृक्ष को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है।

पारिजात या 'हरसिंगार' उन प्रमुख वृक्षों में से एक है, जिसके फूल ईश्वर की आराधना में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इसे प्राजक्ता, परिजात, हरसिंगार, शेफालिका, शेफाली, शिउली भी कहा जाता है। उर्दू में इसे गुलज़ाफ़री कहा जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष को बहुत ही ख़ास स्थान प्राप्त है। पारिजात का वृक्ष बड़ा ही सुन्दर होता है, जिस पर आकर्षक व सुगन्धित फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग विविध प्रकार की औषधि आदि के रूप में भी किया जाता है। यह सारे भारत में पैदा होता है। यह माना जाता है कि पारिजात के वृक्ष को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है।

परिचय

पारिजात का वृक्ष दस से पन्द्रह फीट ऊँचा होता है। किसी-किसी स्थान पर इसकी ऊँचाई पच्चीस से तीस फीट तक भी होती है। यह वृक्ष सम्पूर्ण भारत में उगता है। विशेष रूप से पारिजात बाग-बगीचों में लगा हुआ मिलता है। इसके फूल बड़े ही आकर्षक होते हैं। इस वृक्ष की यह विशेषता भी है कि इसमें फूल बहुत बड़ी मात्रा में लगते हैं। चाहे फूल प्रतिदिन तोड़े जाएँ, किंतु फिर भी अगले दिन फूल बड़ी मात्रा में लगते हैं। यह वृक्ष मध्य भारत और हिमालय की नीची तराइयों में अधिक पैदा होता है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पारिजात (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 03 अप्रैल, 2013।
  2. 2.0 2.1 पारिजात को छूने से मिटती है थकान (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 03 अप्रैल, 2013।
  3. हरसिंगार के गुण भी सुन्दर (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 03 अप्रैल, 2013।

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