नीलम संजीव रेड्डी  

नीलम संजीव रेड्डी
नीलम संजीव रेड्डी
पूरा नाम नीलम संजीव रेड्डी
जन्म 19 मई 1913
जन्म भूमि इल्लुर ग्राम, अनंतपुर ज़िला, आंध्र प्रदेश
मृत्यु 1 जून 1996
अभिभावक नीलम चिनप्पा रेड्डी (पिता)
पति/पत्नी श्रीमती नागा रत्नम्मा
संतान एक पुत्र और तीन पुत्रियाँ
नागरिकता भारतीय
पार्टी कांग्रेस
पद भारत के छठे राष्ट्रपति
कार्य काल 25 जुलाई, 1977 से 25 जुलाई 1982
शिक्षा स्नातक
विद्यालय 'आर्ट्स कॉलेज' अनंतपुर
भाषा तमिल, तेलुगु, अंग्रेज़ी, हिन्दी
जेल यात्रा 1940 से 1945 तक सितम्बर, 1940 में छह माह, 1 जून 1941 से 18 मार्च 1942 तक वेल्लूर की जेल, भारत छोड़ो आंदोलन 11 अगस्त 1942 से 1945 अमरावती तथा वेल्लूर
पुरस्कार-उपाधि 1958 में वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, त्रिमूर्ति द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।
विदेशी यात्राएँ जर्मनी, आस्ट्रेलिया, यू. के, फ्रांस, हंगरी, पोलैण्ड, कनाडा, पेरू, नेपाल, यूगांडा, जाम्बिया, केन्या और अमेरिका के नाम उल्लेखनीय हैं।

नीलम संजीव रेड्डी (अंग्रेज़ी: Neelam Sanjiva Reddy, जन्म:19 मई, 1913 - मृत्यु: 1 जून, 1996) भारत के छठे राष्ट्रपति के रूप में जाने जाते है। नीलम संजीव रेड्डी भारत के ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होते हुए प्रथम बार विफलता प्राप्त हुई और दूसरी बार उम्मीदवार बनाए जाने पर राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। प्रथम बार इन्हें वी. वी. गिरि के कारण बहुत कम अंतर से हार स्वीकार करनी पड़ी थी। तब यह कांग्रेस द्वारा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए गए थे और अप्रत्याशित रूप से हार गए। दूसरी बार गैर कांग्रेसियों ने इन्हें प्रत्याशी बनाया और यह विजयी हुए। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब वी. वी. गिरि को राष्ट्रपति चुनाव जीतने में सफलता प्रदान कराई, तब यह लगा था कि नीलम संजीव रेड्डी ने एक ऐसा मौक़ा गंवा दिया है, जो अब उनकी ज़िन्दगी में कभी नहीं आएगा। लेकिन राजनीति के पण्डितों के अनुमान और दावे धरे रह गए। भाग्य की शुभ करवट ने नीलम संजीव रेड्डी जैसे हारे हुए योद्धा को विजयी योद्धा के रूप में परिवर्तित कर दिया। यह भारतीय राजनीति के ऐसे अध्याय बनकर सामने आए, जो अनिश्चितता का प्रतिनिधित्व करते नज़र आते हैं। संजीव रेड्डी भारत के एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति थे, जो निर्विरोध निर्वाचित हुए।

जीवन परिचय

नीलम संजीव रेड्डी का जन्म 19 मई, 1913 को इल्लुर ग्राम, अनंतपुर ज़िले में हुआ था, जो आंध्र प्रदेश में है। आंध्र प्रदेश के कृषक परिवार में जन्मे नीलम संजीव रेड्डी की छवि कवि, अनुभवी राजनेता एवं कुशल प्रशासक के रूप में थी। इनका परिवार संभ्रांत तथा भगवान शिव का परम भक्त था। इनके पिता का नाम नीलम चिनप्पा रेड्डी था जो कांग्रेस पार्टी के काफ़ी पुराने कार्यकर्ता और प्रसिद्ध नेता टी. प्रकाशम के साथी थे।

शिक्षा

नीलम संजीव रेड्डी की प्राथमिक शिक्षा 'थियोसोफिकल हाई स्कूल' अड़यार, मद्रास में सम्पन्न हुई। आगे की शिक्षा आर्ट्स कॉलेज, अनंतपुर में प्राप्त की। महात्मा गांधी के आह्वान पर जब लाखों युवा पढ़ाई और नौकरी का त्याग कर स्वाधीनता संग्राम में जुड़ रहे थे, तभी नीलम संजीव रेड्डी मात्र 18 वर्ष की उम्र में ही इस आंदोलन में कूद पड़े थे। इन्होंने भी पढ़ाई छोड़ दी थी। संजीव रेड्डी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन में भी भाग लिया था। यह उस समय आकर्षण का केन्द्र बने, जब उन्होंने विद्यार्थी जीवन में सत्याग्रह किया था। वह युवा कांग्रेस के सदस्य थे। उन्होंने कई राष्ट्रवादी कार्यक्रमों में हिस्सेदारी भी की थी। इस दौरान इन्हें कई बार जेल की सज़ा भी काटनी पड़ी।

विवाह

नीलम संजीव रेड्डी का विवाह 8 जून, 1935 को नागा रत्नम्मा के साथ सम्पन्न हुआ था। इनके एक पुत्र एवं तीन पुत्रियाँ हैं। पुत्र सुधीर रेड्डी अनंतपुर में सर्जन की हैसियत से अपना स्वतंत्र क्लिनिक पार्टी ऑफ़ इण्डिया के प्रभावशाली नेता रहे हैं और आज़ादी की लड़ाई में यह भी कई बार जेल गए हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=नीलम_संजीव_रेड्डी&oldid=629883" से लिया गया