तमिल नाडु  

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तमिल नाडु
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राजधानी चेन्नई
राजभाषा(एँ) तमिल भाषा
स्थापना 1 नवंबर, 1956
जनसंख्या 62,405,679 [1]
· घनत्व 511 /वर्ग किमी
क्षेत्रफल 130,058 वर्ग किमी [2]
भौगोलिक निर्देशांक 13°05′N 80°16′E
ज़िले 32[2]
सबसे बड़ा नगर चेन्नई, कोयंबतुर, ईरोड, मदुरई, वेल्लोर
महानगर चेन्नई
लिंग अनुपात 1000:987 ♂/♀
साक्षरता 73.5%
· स्त्री 64.4%
· पुरुष 82.4%
राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित[2]
मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी[2]
विधानसभा सदस्य 234[2]
बाहरी कड़ियाँ अधिकारिक वेबसाइट
अद्यतन‎
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तमिल नाडु (अंग्रेज़ी: Tamil Nadu, तमिल: தமிழ்நாடு) भारत का एक दक्षिणी राज्य है। तमिल नाडु की राजधानी चेन्नई है। तमिल नाडु के अन्य महत्त्वपूर्ण नगर मदुरै, तिरुचिराप्पल्ली, कोयंबतुर, कांचीपुरम, कन्याकुमारी हैं। तमिल नाडु के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल हैं। तमिल नाडु में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा तमिल है।

नामकरण

तमिल नाडु शब्द तमिळ भाषा के तमिल तथा नाडु (நாடு) जिसका शाब्दिक अर्थ घर या वास, स्थान, से मिलकर बना है जिसका अर्थ है तमिलों का घर या तमिलों का देश है। ब्रिटिश शासनकाल में यह प्रांत मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा था। स्वतंत्रता के बाद मद्रास प्रेसिडेंसी को कई भागों में बांट दिया गया, जिसके फलस्वरूप मद्रास तथा अन्य राज्यों का उदय हुआ। 1968 में मद्रास प्रांत का नाम बदलकर तमिल नाडु कर दिया गया।

इतिहास

तमिल नाडु का इतिहास बहुत पुराना है। यद्यपि प्रारंभिक काल के संगम ग्रंथों में इस क्षेत्र का इतिहास का अस्‍पष्‍ट उल्‍लेख मिला है, किंतु तमिल नाडु का लिखित इतिहास पल्लव राजाओं के समय से ही उपलब्‍ध हैं। यह कुछ स्थानों में से एक है जो प्रागैतिहासिक काल से आज तक आबाद है। प्रारम्भ में यह तीन प्रसिद्ध राजवंशों की कर्मभूमि रही है - चेर, चोल तथा पांडय।

वेल्लोर क़िला, तमिल नाडु

तमिल नाडु के प्राचीन साहित्य में, यहाँ के राजाओं, राजकुमारों तथा उनके प्रशंसक कवियों का विवरण मिलता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह साहित्य ईसा के बाद की कुछ प्रारंभिक सदियों का है। तमिल नाडु में स्थित उत्तरमेरुर ग्राम, जहां से पल्लव एवं चोल काल के लगभग दो सौ अभिलेख मिले हैं। चोल, पहली सदी से लेकर चौथी सदी तक मुख्य अधिपति रहे। इनमें प्रमुख नाम करिकाल चोल है, जिसने अपने साम्राज्य का विस्तार कांचीपुरम तक किया। चौथी शताब्‍दी के पूर्वार्द्ध में पल्लवों का वर्चस्‍व क़ायम हुआ। उन्‍होंने ही द्रविड़ शैली की प्रसिद्ध मंदिर वास्तुकला का सूत्रपात किया। अंतिम पल्लव राजा अपराजित थे, जिनके राज्‍य में लगभग दसवीं शताब्‍दी में चोल शासकों ने विजयालय और आदित्य के मार्गदर्शन में अपना महत्‍व बढ़ाया। ग्‍यारहवीं शताब्‍दी के अंत में तमिल नाडु पर चालुक्य, चोल, पांडय जैसे अनेक राजवंशों का शासन रहा। इसके बाद के 200 वर्षो तक दक्षिण भारत पर चोल साम्राज्य का आधिपत्‍य रहा। तमिल का संगम साहित्य चेर, चोल वंश और पांडय वंशों के शासनकाल में पचाईमलाई पहाड़ियों में फला और फूला है।

चोल राजाओं ने वर्तमान तंजावुर ज़िला और तिरुचिरापल्ली ज़िले तक अपने राज्य का विस्तार किया। इस काल में चोल राजाओं ने दक्षिण में श्रीलंका तथा उत्तर में अपना प्रभुत्व स्थापित किया। तीसरी सदी में कालभ्रों के आक्रमण से चोल राजाओं का पतन हो गया। कालभ्रों को छठी सदी तक, उत्तरी भाग में पल्लवों तथा दक्षिण भाग में पांडयों ने हराकर भगा दिया ।

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में तमिल नाडु के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने योगदान दिया है जिसमें से प्रमुख हैं-सी. सुब्रह्मण्यम, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, चिदंबरम पिल्लई, टी.एस.एस. राजन, कसीनथूनी नागेश्वर राव, के. कामराज, के. संतानम, मिनजुर भक्तवत्सलम आदि।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 2001 की जनगणना के अनुसार
  2. 2.0 2.1 2.2 2.3 2.4 About Tamil Nadu (अंग्रेज़ी) (एच.टी.एम.एल) तमिल नाडु की आधिकारिक वेबसाइट। अभिगमन तिथि: 13 मई, 2012।
  3. आयरन ऑक्साइड और एल्युमिनियम हाइड्रॉक्साइड की प्रचुरता वाली मिट्टी

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