जोगी मुंडी  

जोगी मुंडी शिमोगा ज़िला, कर्नाटक में स्थित ताजे पानी का एक छोटा-सा सरोवर है। यह स्थान शिमोगा से 80 किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्थान का नाम 'जोगी' नामक संत के नाम पर पड़ा है। ये संत यहाँ तपस्या किया करते थे।

  • यह जलाशय तुंगभद्रा नदी की सहायक नदी मालापहाड़ी का स्रोत है। इसका जल 30-50 फुट लंबी गुफ़ा से होते हुए इस सरोवर तक पहुंचता है।
  • इस स्थान पर प्रकृति की सुंदरता बिखरी हुई है, जिसका आनंद लिया जा सकता है।
  • 'केलाडी' नामक स्थान अपने पाषाण मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।
  • यहाँ 'वीरभद्रेश्वर', 'रामेश्वर' और 'पार्वती' नामक तीन मंदिर हैं। रामेश्वर और वीरभद्रेश्वर मंदिर होयसल आरै द्रविड़ वास्तुशिल्प का अनोखा संगम है।
  • पार्वती मंदिर का एक हिस्सा अब काला पड़ गया है। रामेश्वर मंदिर के पास ही केलाडी संग्रहालय है, जहाँ नायक काल के ताम्रपत्र, ताड़पत्र और सिक्कों को प्रदर्शित किया गया है।[1]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. धरती का स्वर्ग शिमोगा (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 5 अक्टूबर, 2012।

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=जोगी_मुंडी&oldid=297247" से लिया गया