चन्द्रशेखर  

Disamb2.jpg चन्द्रशेखर एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- चन्द्रशेखर (बहुविकल्पी)
चन्द्रशेखर
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पूरा नाम चन्द्रशेखर सिंह
जन्म 1 जुलाई, 1927
जन्म भूमि उत्तर प्रदेश, ज़िला बलिया, ग्राम इब्राहीमपुर
मृत्यु 8 जुलाई, 2007
मृत्यु स्थान नई दिल्ली
मृत्यु कारण प्लाज्मा कैंसर
पति/पत्नी दूजा देवी
संतान दो पुत्र- पंकज और नीरज
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि इन्हें आग उग़लते क्रान्तिकारी विचारों के कारण जाना जाता है।
पार्टी कांग्रेस और समाजवादी दल
पद भारत के पूर्व प्रधानमंत्री
कार्य काल 10 नवम्बर, 1990- 21 जून, 1991
शिक्षा राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर
विद्यालय इलाहाबाद विश्वविद्यालय
भाषा हिन्दी, अंग्रेज़ी
जेल यात्रा जून, 1975 में आपातकाल की घोषणा के बाद जेल यात्रा की।
पुरस्कार-उपाधि 1955 में योग्य सांसद का प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।
विशेष योगदान लेखन
रचनाएँ 'यंग इंडिया' नामक साप्ताहिक समाचार पत्र का सम्पादन-प्रकाशन

चन्द्र शेखर सिंह (अंग्रेज़ी: Chandra Shekhar Singh, जन्म- 1 जुलाई, 1927, उत्तर प्रदेश; मृत्यु- 8 जुलाई, 2007) भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। उन्हें युवा तुर्क का सम्बोधन उनकी निष्पक्षता के कारण प्राप्त हुआ था। वह मेधा प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। ऐसे बहुत ही कम लोग होते हैं, जिन्हें विधाता कई योग्यता देकर पृथ्वी पर भेजता है और चंद्रशेखर का शुमार उन्हीं व्यक्तियों में करना चाहिए। विश्वनाथ प्रताप सिंह के बाद चंद्रशेखर ने ही प्रधानमंत्री का पदभार सम्भाला। वह आचार्य नरेंद्र देव के काफ़ी समीप माने जाते थे। उनके व्यक्तित्व एवं चरित्र से इन्होंने बहुत कुछ आत्मसात किया था। एक सांसद के रूप में चंद्रशेखर का वक्तव्य पक्ष और विपक्ष दोनों बेहद ध्यान से सुनते थे। इनके लिए प्रचलित था कि यह राजनीति के लिए नहीं बल्कि देश की उन्नति की राजनीति हेतु कार्य करने में विश्वास रखते हैं। चंद्रशेखर आत्मा की आवाज़ पर प्रशंसा और आलोचना करते थे। तब यह नहीं देखते थे कि वह ऐसा पक्ष के प्रति कर रहे हैं अथवा विपक्ष के प्रति। लेकिन देश को इस सुयोग्य व्यक्ति से अधिकाधिक उम्मीदें थीं, जो निश्चय ही राजनीतिक व्यवस्था के कारण प्राप्त नहीं की जा सकीं।

जन्म एवं परिवार

चंद्रशेखर का जन्म 1 जुलाई, 1927 को उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले के ग्राम इब्राहीमपुर में हुआ था। इनका कृषक परिवार था। चंद्रशेखर का राजनीति के प्रति रुझान विद्यार्थी जीवन में ही हो गया था। इन्हें आग उग़लते क्रान्तिकारी विचारों के कारण जाना जाता था। चंद्रशेखर ने 1950-1951 में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राप्त की। इनका विवाह दूजा देवी के साथ सम्पन्न हुआ था। इनके दो पुत्र पंकज और नीरज हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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