चंबा  

चंबा
चंबा घाटी, हिमाचल प्रदेश
विवरण 'चंबा' हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस शहर को 'मंदिरों की नगरी', 'कला नगरी' और मनोरम पर्यटन स्थल कहलाने का गौरव प्राप्त है।
राज्य हिमाचल प्रदेश
ज़िला चंबा
स्थापना 820 ई.
संस्थापक साहिल वर्मा
नामकरण 'चंबा' का नाम वर्मन वंश की राजकुमारी 'चंपा' के नाम पर रखा गया था।
क्या देखें 'डलहौजी', 'पंचपुला', 'अजीत सिंह की समाधि', 'भूरी सिंह संग्रहालय', 'कालाटोप' आदि।
जनसंख्या 20,312 (2001)
पोस्ट कोड 176310
वाहन पंजीकरण HP-48 and HP-73
अन्य जानकारी 1846 ई. में ब्रिटिश भारत का हिस्सा बनने से पहले यह क्षेत्र विभिन्न कालों में कश्मीर, मुग़ल और सिक्ख शासन के अंतर्गत रहा था। 1948 में इसे हिमाचल प्रदेश में मिला लिया गया।

चंबा एक प्रसिद्ध नगर है, जो पश्चिमोत्तर हिमाचल प्रदेश राज्य, उत्तरी भारत में स्थित है। यह नगर दो पर्वत चोटियों के बीच रावी नदी द्वारा निर्मित ऊँचे टीले पर स्थित है। निचले टीले पर प्रसिद्ध चौगान है, जहाँ जन समारोह व उत्सव आयोजित किए जाते है। यहीं सरकारी कार्यालय और 'भूरीसिंह संग्रहालय' भी स्थित है।

स्थापना

स्वतंत्र चंबा राज्य की स्थापना छ्ठी शताब्दी में हुई थी और 1846 ई. में ब्रिटिश भारत का हिस्सा बनने से पहले यह क्षेत्र विभिन्न कालों में कश्मीर, मुग़ल और सिक्ख शासन के अंतर्गत रहा। 1948 में इसे हिमाचल प्रदेश में मिला लिया गया।

इतिहास

वर्मन वंश की राजकुमारी 'चंपा' के नाम पर हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में रावी नदी के किनारे बसे चंबा शहर को मंदिरों की नगरी, कलानगरी और मनोरम पर्यटन स्थल कहलाने का गौरव प्राप्त है। चंबा की राजधानी ब्रह्मपुर है। चंबा के संस्थापक साहिल वर्मा ने 820 ई. में इस शहर का नामकरण अपनी पुत्री चंपा के नाम पर किया था। साहिल वर्मा द्वारा निर्मित 'चमेसनी देवी का मन्दिर' ऐतिहासिक चौगान के पास आज भी विद्यमान है। वास्तुकला की दृष्टि से यह मन्दिर अद्वितीय है।

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