चंडीदास  

चंडीदास (उत्कर्ष-14वीं शताब्दी के उत्तरार्ध से 15वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध तक, बंगाल , भारत), एक कवि, जिनके रामी धोबिन को संबोधित प्रेमगीत मध्य काल में बेहद लोकप्रिय थे। उनके गीत मानव व दिव्य प्रेम के बीच समानता खोजते थे तथा वैष्णव व सहज्या धार्मिक आंदोलनों के प्रेरणास्रोत भी थे।

गीतों की लोकप्रियता

चंडीदास के गीतों की लोकप्रियता के कारण उनके गीतों से मिलते-जुलते गीतों की रचना प्रारंभ हुई, जिससे कवि की सुस्पष्ट पहचान स्थापित करने में कठिनाई होती है। इसमें साथ ही उनके जीवन से बहुत सी किंवदंतियाँ भी जुड़ गई। उनकी कविताओं से पता चलता है कि कवि गांव के पुरोहित (बांकुरा ज़िले के छतना गांव या वीरभूम ज़िले के नन्नूर में) थे। उन्होंने निम्न जाति की रामी के प्रति अपने प्रेम को सबके सामने उद्-घोषित कर परंपरा को तोड़ा था। प्रेमी उनके संबंध को दिव्य प्रेमियों, श्री कृष्ण और राधा के आध्यात्मिक मिलन के समान पवित्र मानते थे।

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