गोपीनाथ कविराज  

गोपीनाथ कविराज
गोपीनाथ कविराज
पूरा नाम गोपीनाथ कविराज
जन्म 7 सितम्बर, 1887
जन्म भूमि ढाका (अब बंगलादेश में)
मृत्यु 12 जून, 1976
मृत्यु स्थान वाराणसी, उत्तर प्रदेश
अभिभावक वैकुण्ठनाथ बागची
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र संस्कृत के विद्वान् और महान् दार्शनिक
मुख्य रचनाएँ 'विशुद्धानंद' (पाँच खंड), 'विशुद्ध नंद वाणी' (सात खंड), 'अखंड महायोग'
शिक्षा एम. ए.
पुरस्कार-उपाधि पद्म विभूषण, 'महामहोपाध्याय', 'साहित्य वाचस्पति'
नागरिकता भारतीय

गोपीनाथ कविराज (अंग्रेज़ी: Gopinath Kaviraj, जन्म: 7 सितम्बर, 1887; मृत्यु: 12 जून, 1976) संस्कृत के विद्वान् और महान् दार्शनिक थे। इनके पिताजी का नाम वैकुण्ठनाथ बागची था।

जीवन परिचय

योग और तंत्र के प्रकांड विद्वान् डॉ. गोपीनाथ कविराज का जन्म 7 सितम्बर 1887 ई. में ढाका (अब बंगलादेश में) ज़िले के एक गाँव में हुआ था। बचपन में ही माता-पिता का देहांत हो जाने के कारण उनका पालन-पोषण मामा ने किया। उनकी शिक्षा ढाका, कोलकाता, जयपुर और वाराणसी में हुई। सर्वत्र उन्हें छात्रवृत्ति मिलती रही। वाराणसी के क्वींस कॉलेज में संस्कृत में एम.ए. का अध्ययन करते समय उनका आचार्य नरेंद्र देव से परिचय हुआ था। संस्कृत और अंग्रेज़ी के प्रति उनकी रुचि आरम्भ से ही थी। जयपुर के प्रवास काल में उन्होंने वहाँ के समृद्ध पुस्तकालयों का भरपूर लाभ उठाया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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