के. राधाकृष्णन  

के. राधाकृष्णन
के. राधाकृष्णन
जन्म 29 अगस्त, 1949
जन्म भूमि इरिन्जालाकुडा, केरल
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
भाषा हिन्दी, अंग्रेज़ी
शिक्षा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (1970), पीजीडीएम (1976), डॉक्टरेट की उपाधि
विद्यालय केरल विश्वविद्यालय, आईआईएम, (बैंगलूर), आईआईटी, खड़गपुर
पुरस्कार-उपाधि 'रजत जयंती सम्मान' (2006),'भास्कर पुरस्कार' (2008), 'विक्रम साराभाई मेमोरियल अवार्ड' (2010) आदि।
प्रसिद्धि वैज्ञानिक तथा 'इसरो' के पूर्व अध्यक्ष
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई प्रकार से योगदान दिया है। वे 55 से भी अधिक प्रकाशनों के लिए लेखक व सह-लेखक रहे हैं।

के. राधाकृष्णन (अंग्रेज़ी: K.Radhakrishnan, जन्म- 29 अगस्त, 1949, केरल) भारत के शीर्ष वैज्ञानिकों में से एक हैं। वे भारत सरकार के अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष, अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के अध्यक्ष रह चुके हैं। एक तकनीकी-तंत्र विशेषज्ञ, उत्तम वैयक्तिक और अंतर-वैयक्तिक विशेषताओं से युक्त सक्रिय और परिणामोन्मुख प्रबंधक, महत्त्वपूर्ण दृष्टिकोण सहित विदग्ध संस्था-निर्माता, सकारात्मक रवैये सहित एक सक्षम प्रशासक और युवा पीढ़ी में नेतृत्व कौशल प्रदान करने के लिए के. राधाकृष्णन जाने जाते हैं। यह श्रेय पाने वाले वे प्रेरक नेता हैं। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, उपयोग और अंतरिक्ष कार्यक्रम प्रबंधन में 40 वर्षों से भी अधिक विस्तृत उनका लब्धप्रतिष्ठ कैरियर कई उपलब्धियों से सुसज्जित रहा है।

जन्म तथा शिक्षा

डॉ. के. राधाकृष्णन का जन्म 29 अगस्त, 1949 को इरिन्जालाकुडा, केरल में हुआ था। उन्होंने 1970 में केरल विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की था। आईआईएम, बैंगलूर में पीजीडीएम पूरा किया (1976) और आईआईटी, खड़गपुर से इन्होंने 'भारतीय भू-प्रेक्षण प्रणाली के लिए कुछ सामरिक नीतियाँ' शीर्षक वाले शोध प्रबंध पर डॉक्टरेट की उपाधि 2000 में प्राप्त की थी।

महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य

1971 में 'इसरो' के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम में एक उड्डयनकी इंजीनियर के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत इन्होंने की थी। उन्होंने इसरो में प्रशंसनीय रूप से कई निर्णायक पदों पर कार्य किया, जैसे-

  1. प्रादेशिक सुदूर संवेदन केंद्रों की स्थापना के परियोजना निदेशक (1987-1989)
  2. संपूर्ण इसरो के बजट और आर्थिक विश्लेषण के निदेशक (1987-1997)
  3. राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन प्रणाली-प्रादेशिक सुदूर संवेदन सेवा केंद्र के निदेशक (1989-1997)
  4. दीर्घकालीन विकास के लिए समेकित मिशन के मिशन निदेशक तथा राष्ट्रीय सुदूर संवेदन एजेंसी के उप निदेशक (1997-2000)
  5. राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के निदेशक (2005-2008)
  6. विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक (2007-2009)
  7. समवर्ती उत्तरदायित्वों के साथ सदस्य, अंतरिक्ष आयोग (अक्तूबर, 2008-2009)।

2000-2005 के दौरान महासागर सूचना सेवाओं के लिए भारतीय राष्ट्रीय केंद्र के संस्थापक निदेशक और भारतीय राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी प्रणाली के प्रथम परियोजना निदेशक के रूप में के. राधाकृष्णन ने एक निर्धारित कार्यकाल भू-विज्ञान मंत्रालय में बिताया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्त्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया, जिनमें शामिल हैं-

  1. अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग के उपाध्यक्ष (2001-2005)
  2. संस्थापक अध्यक्ष, हिंद महासागर वैश्विक महासागरीय प्रेक्षण प्रणाली (2001-2006)
  3. समग्र यूएन-सीओपीयूओएस एसटीएससी के कार्यकारी समूह के अध्यक्ष (2008-2009)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. आभार- दैनिक जागरण 'झंकार', दिनांक 22 दिसम्बर 2013

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