के. आर. नारायणन  

के. आर. नारायणन
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पूरा नाम कोच्चेरील रामन नारायणन
जन्म 27 अक्टूबर, 1920
जन्म भूमि त्रावणकोर, भारत
मृत्यु 9 नवम्बर, 2005
मृत्यु स्थान नई दिल्ली, भारत
अभिभावक कोच्चेरिल रामन वेद्यार
पति/पत्नी उषा नारायणन
संतान चित्रा और अमृता
पद भारत के दसवें राष्ट्रपति, पत्रकार
कार्य काल 25 जुलाई, 1997 से 25 जुलाई, 2002
शिक्षा स्नातकोत्तर, बी. एस. सी. (इकोनामिक्स), एल. एस. ई.
विद्यालय प्राथमिक विद्यालय, सेंट मेरी हाई स्कूल, सी. एम. एस. स्कूल, त्रावणकोर विश्वविद्यालय, लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनोमिक्स
पुरस्कार-उपाधि वर्ल्ड स्टेट्समैन अवार्ड, 'डॉक्टर ऑफ़ साइंस, डॉक्टर ऑफ़ लॉस
रचनाएँ 'इण्डिया एण्ड अमेरिका एस्सेस इन अंडरस्टैडिंग', 'इमेजेस एण्ड इनसाइट्स' और 'नॉन अलाइमेंट इन कन्टैम्परेरी इंटरनेशनल निलेशंस'
अन्य जानकारी राष्ट्रपति नियुक्त होने के बाद नारायणन ने एक नीति अथवा सिद्धान्त बना लिया था कि वह किसी भी पूजा स्थान या इबादतग़ाह पर नहीं जाएँगे-चाहे वह देवता का हो या देवी का। यह एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने अपने कार्यकाल में किसी भी पूजा स्थल का दौरा नहीं किया।

कार्यकाल 25 जुलाई 1997 से 25 जुलाई 2002
कोच्चेरील रामन नारायणन (अंग्रेज़ी: Kocheril Raman Narayanan, जन्म- 27 अक्टूबर, 1920; मृत्यु- 9 नवम्बर, 2005) भारतीय गणराज्य के दसवें निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में जाने जाते हैं। यह प्रथम दलित राष्ट्रपति तथा प्रथम मलयाली व्यक्ति थे, जिन्हें देश का सर्वोच्च पद प्राप्त हुआ। इन्हें 14 जुलाई, 1997 को हुए राष्ट्रपति चुनाव में विजय प्राप्त हुई थी। श्री के. आर. नारायणन को कुल मतों का 95 प्रतिशत प्राप्त हुआ। मतगणना का कार्य 17 जुलाई, 1997 को सम्पन्न हुआ। भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त श्री टी. एन. शेषन इनके प्रतिद्वन्द्वी थे। 25 जुलाई, 1997 को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जे. एस. वर्मा ने श्री के. आर. नारायणन को राष्ट्रपति पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनका कार्यकाल 25 जुलाई, 2002 को समाप्त हुआ था।

जन्म एवं परिवार

श्री के. आर. नारायणन का जन्म 27 अक्टूबर, 1920 को हुआ था, जो सरकारी दस्तावेज़ों में उल्लिखित है। लेकिन सत्य यह है कि इनकी वास्तविक जन्मतिथि विवादों के घेरे में है। श्री नारायणन के चाचा इनके प्रथम दिन स्कूल गए थे और अनुमान से 27 अक्टूबर, 1920 इनकी जन्मतिथि लिखा दी थी। इनका जन्म पैतृक घर में हुआ था, जो कि एक कच्ची झोपड़ी की शक्ल में था। यह कच्ची झोपड़ी पेरुमथॉनम उझावूर ग्राम, त्रावणकोर में थी। वर्तमान में यह ग्राम ज़िला कोट्टायम (केरल) में विद्यमान है। श्री के. आर. नारायणन अपने पिता की सात सन्तानों में चौथे थे। इनके पिता का नाम कोच्चेरिल रामन वेद्यार था। यह भारतीय पद्धति के सिद्धहस्त आयुर्वेदाचार्य थे। इनके पूर्वज पारवान जाति से सम्बन्धित थे, जो कि नारियल तोड़ने का कार्य करता है। इनका परिवार काफ़ी ग़रीब था, लेकिन इनके पिता अपनी चिकित्सकीय प्रतिभा के कारण सम्मान के पात्र माने जाते थे। श्री नारायणन के चार भाई-बहन थे– के. आर. गौरी, के. आर. भार्गवी, के. आर. भारती और के. आर. भास्करन। इनके दो भाइयों की मृत्यु तब हुई जब के. आर. नारायणन 20 वर्ष के थे। इनकी बड़ी बहन गौरी एक होमियोपैथ हैं और इन्होंने शादी नहीं की। इनके छोटे भाई भास्करन ने भी विवाह नहीं किया, जो कि पेशे से अध्यापक हैं और उझावूर में ही रहते थे। उझावूर को आज श्री के. आर. नारायणन की जन्मभूमि के लिए जाना जाता है।

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