कृष्णदास  

कृष्णदास
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जन्म 1495 ई.
जन्म भूमि तिलोतरा, राजनगर, गुजरात
मृत्यु 1575 से 1581 ई. के बीच में
अभिभावक केशवदास मिश्र और तारावती
कर्म भूमि ब्रज
कर्म-क्षेत्र कवि
मुख्य रचनाएँ जुगलमान चरित, भ्रमरगीत, प्रेमतत्त्व निरूपण, राग-कल्पद्रुम, राग-रत्नाकर
विषय सगुण भक्ति काव्य
भाषा ब्रज भाषा
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

परिचय

अष्टछाप के प्रथम चार कवियों में अन्तिम कृष्णदास अधिकारी हैं। उनका जन्म सन् 1495 ई. के आसपास गुजरात प्रदेश के एक ग्रामीण कुनबी परिवार में हुआ था। सन् 1509 ई. में वे पुष्टिमार्ग में दीक्षित हुए और सन् 1575 और 1581 ई. के बीच उनका देहावसान हुआ। बाल्यकाल से ही कृष्णदास में असाधारण धार्मिक प्रवृत्ति थी। 12-13 वर्ष की अवस्था में उन्होंने अपने पिता के एक चोरी के अपराध को पकड़कर उन्हें मुखिया के पद से हटवा दिया था। इसके फलस्वरूप पिता ने उन्हें घर से निकाल दिया और वे भ्रमण करते हुए ब्रज में आ गये। उसी समय श्रीनाथ जी का स्वरूप नवीन मन्दिर में प्रतिष्ठित किया जाने वाला था। श्रीनाथ जी के दर्शन कर वे बहुत प्रभावित हुए। बल्लभाचार्य जी से भेंट कर उन्होंने सम्प्रदाय की दीक्षा ग्रहण की।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

सहायक ग्रन्थ-

  • चौरासी वैष्णवन की वार्ता;
  • अष्टछाप और वल्लभ सम्प्रदाय : डा. दीनदयाल गुप्त:
  • अष्टछाप परिचय: श्री प्रभुदयाल मीतल।


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