किसान कन्या  

किसान कन्या
किसान कन्या फ़िल्म से एक दृश्य
निर्देशक मोती बी. गिडवानी
निर्माता अर्देशिर ईरानी
कहानी जियाउद्दीन
पटकथा जियाउद्दीन
संवाद सआदत हसन मंटो
कलाकार ग़ुलाम मोहम्मद, पद्मा देवी और जिल्लोबाई
संगीत रामगोपाल पांडे
छायांकन रुस्तम
प्रदर्शन तिथि 1937
अवधि 137 मिनट
भाषा हिंदी
अन्य जानकारी 'किसान कन्या' भारत में बनी पहली रंगीन हिंदी फ़िल्म है।

किसान कन्या भारत में बनी पहली रंगीन हिंदी फ़िल्म है, जिसका प्रदर्शन सन 1937 में हुआ। पहली सवाक फ़िल्म आलम आरा बनाने वाली इंपीरियल फ़िल्म कंपनी के अर्देशिर ईरानी ने देश में रंगीन फ़िल्म बनाने का प्रबंध किया और भारत की पहली पूरी तरह स्वदेशी रंगीन फ़िल्म किसान कन्या बंबई के मैजेस्टिक सिनेमा घर में रिलीज की।

निर्माण और निर्देशन

किसान कन्या हॉलीवुड के प्रोसेसर सिने कलर के तहत बनी थी। इस प्रोसेसर को इंपीरियल फ़िल्म कंपनी ने भारत और पूर्वी देशों के लिए ख़रीद लिया था। इसके विशेषज्ञ वोल्फ हीनियास की देखरेख में शूट और प्रोसेस की गई। किसान कन्या भारत की अपनी पहली रंगीन फ़िल्म थी। फ़िल्म में रंग इतने अच्छे निखरे थे कि दृश्य वास्तविक लगते थे। निर्माता ने विषय भी ग्रामीण अंचल का चुना था ताकि पर्दे पर वन, पेड़, नदी, खेत और पहाड़ की प्राकृतिक छटा ख़ूबसूरती से आए। इस काम में भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री को वांछित सफलता मिली।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 रंग भरे ख्वाबों में (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल) जागरण डॉट कॉम। अभिगमन तिथि: 5 अगस्त, 2012।

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