किंडरगार्टन  

किंडरगार्टन खेल के माध्यम से चार से छह वर्ष के बच्चों को शिक्षा देनेवाली एक विशेष पद्धति जिसका विकास फ्रीड्रिक विल्हेम फ्रॉएबेल [1] नामक शिक्षाशास्त्री ने किया था। उनको इस शिक्षा पद्धति के विकास का आधार उनकी यह धारणा थी कि हर वस्तु और प्राणी को अनुप्राणित करने वाला एक शाश्वत नियम एक ईश्वरीय सत्ता है। सभी प्राणियों का प्रादुर्भाव इसी ईश्वरीय सत्ता से है। अत: हर प्राणी में उस ईश्वरीय रस का अंश है। अत: शिक्षा का महत्तम ध्येय शिशु में जन्म से निहित उस रस अथवा उन शक्तियों को विकसित करना होना चाहिए। जीवन में ईश्वरीय रस का प्रादुर्भाव मस्तिष्क की अपेक्षा हृदय की वस्तु है। अत: शिक्षा, बुद्धि से अधिक मनोवेगों और इच्छाशक्ति की शिक्षा है। अर्थात्‌ शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का प्रशिक्षण नहीं विकास है, जो उनकी मूल प्रवृत्तियों और अभिरुचियों को आत्मक्रिया द्वारा उपयोग में लाने पर ही हो सकता है। आत्मक्रिया द्वारा ही बच्चे की आत्माभिव्यक्ति होती है और उसके आंतरिक ईश्वरीय रस का बाह्यीकरण भी। इस उद्देश्य की पूर्ति में बच्चों का स्वच्छंद खेल महत्व का है।

अपने इस आत्मक्रिया, आत्माभिव्यक्ति और स्वतंत्र खेल को शिक्षा का आधार बनाकर फ्रॉएबेल ने सर्वप्रथम प्रयोग 1835 ई. में बर्गडॉफ [2] के एक अनाथालय के बच्चों पर किया। इसके लिए उन्होंने खिलौनों की एक ऐसी क्रमागत श्रंखला प्रस्तुत की जिससे बच्चों में निश्चित कल्पनाएं उभर सकें। पहले छह रंगों के छह गेंदो का एक सेट बनाया, फिर लकड़ी के गोल, चौकोर और बेलनाकार रूपों का दूसरा सेट प्रस्तुत किया; फिर दो इंच घन के टुकड़े को 8 छोटे घनों में बाँट कर तीसरा सेट और दो इंच घन को 8 आयताकार टुकड़ों में बाँटकर चौथा सेट बनाया। पाँचवे और छठें सेटों में तीन इंच घन को असमाना टुकड़ों को रखा और इन सबको आकार और नाप के अनुसार बक्सों में रखा। विभिन्न आकार और नाप की तख्ती, विभिन्न माप के डंडों और विभिन्न व्यास के छल्लों से कुछ अन्य खिलौने बनाए। अपने इन खिलौने की अन्य खिलौने से भिन्नता व्यक्त करने के लिए उन्होंने इन्हें मेधा [3] और उनके सहायक साधनों को व्यापार [4] का नाम दिया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1782-1852 ई.
  2. स्वीजरलैंड
  3. गिफ़्ट
  4. आकुपेशन
  5. जर्मनी
  6. शिशु उद्यान
  7. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 3 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 2-3 |

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