कसौली  

कसौली
मंकी प्वाइंट, कसौली
विवरण 'कसौली' भारत के हिमाचल प्रदेश का एक नगर है। समुद्र तल से 1795 की ऊँचाई पर स्थित कसौली हिमाचल प्रदेश का छोटा पर्वतीय स्‍थल है। यहाँ प्रत्येक ऋतु, मौसम में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल इस जगह को और भी आकर्षित बनाते है, जो पर्यटकों का मन मोहने के लिए काफ़ी हैं।
राज्य हिमाचल प्रदेश
प्रसिद्धि ख़ूबसूरत, शांत पहाड़ी स्थल
कब जाएँ यहाँ लोग साल भर आते रहते हैं, लेकिन अप्रैल से जून और सितम्बर से नवम्बर के बीच अधिक पर्यटक आते हैं।
हवाई अड्डा कसौली का नजदीकी हवाई अड्डा चंडीगढ़ में है, जो कि 65 किलोमीटर है।
रेलवे स्टेशन धर्मपुर
बस अड्डा धर्मपुर
क्या देखें 'मंकी प्वाइंट', 'कसौली क्लब', 'हनुमान मंदिर', 'क्राइस्ट बैप्टिस्ट चर्च', 'एयरफोर्स गार्ड स्टेशन' आदि।
कहाँ ठहरें होटल, रिजॉर्ट्स, गेस्ट हाउस
अन्य जानकारी चंडीगढ़ और कालका से कसौली क्रमश: 67 व 35 किलोमीटर दूर है। दिल्ली से हिमाचल रोडवेज की बसों के अलावा यहाँ के लिए निजी बसें भी चलती हैं।

कसौली भारत के हिमाचल प्रदेश का एक नगर है। समुद्र तल से 1795 की ऊँचाई पर स्थित कसौली हिमाचल प्रदेश का छोटा पर्वतीय स्‍थल है। यह शिमला के दक्षिण में 77 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। यहाँ देखते-देखते ही हवा बदलने लगती है और बादलों का समूह पल भर में ही धूप के नीचे छतरी बनकर तुरंत बरस पड़ता है। दूसरे ही पल मौसम साफ और चारों तरफ से तन-मन को रोमांचित करने वाली खुशनुमा हवा छूने लगती है। चाहे पर्यटक यहाँ के 'मंकी प्वाइंट' पर हों या क्राइस्ट चर्च के बाहर, बस अड्डे पर हों या माल रोड पर, हनुमान मंदिर में हों या साईं बाबा मंदिर में, हर जगह पल भर में मन को तरोताजा कर देने वाली मनमोहक हवा रोमांच से भर देती है। बल्कि यूँ कहें कि कसौली पहुँचने से दो-तीन किलोमीटर पहले ही यात्रियों को कसौली क्षेत्र में प्रवेश करने का एहसास हो जाता है।

नामकरण

कसौली के नाम के बारे में कई कहानियाँ हैं- जैसे-

  1. कहा जाता है कि रेवाड़ी के कुछ राजपूत हिमालय की तलहटी में बसे 'कसुल' नामक छोटे से गांव में आ बसे थे। बाद में यही गांव समय के साथ 'कसौली' के रूप में स्थापित हो गया।
  2. दूसरी कहानी के अनुसार जाबली के पास कौशल्या नामक एक पहाड़ी जलधारा है, जिस कारण इसका नामक कसौली पड़ा।
  3. एक प्रचलित मान्यता यह भी है कि इसका मूल नाम 'कुसुमावली' है, जिसका अर्थ है- 'फूलों की कतार'।

कसौली जाने पर तीसरी मान्यता ही सबसे ज़्यादा सटीक बैठती है, क्योंकि यहाँ प्रत्येक ऋतु, मौसम में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल इस जगह को और भी आकर्षित बनाते हैं। यह नज़ारा पर्यटकों का मन मोहने के लिए काफ़ी हैं। वैसे इस जगह के नाम के चाहे जितने किस्से हों, लेकिन विषमताओं की चर्चा एक ही है और वह है एक बेहद आकर्षक हिल स्टेशन। जहाँ बीमारी के बाद लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए भी जाते हैं। शायद यही वजह थी कि अंग्रेज़ों ने इसे हिल स्टेशन के रूप में व्यवस्थित रूप से विकसित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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