ओंकारनाथ ठाकुर  

सम्मान और पुरस्कार

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, संगीत मार्तंड, संगीत महामहोदय और पद्म श्री की उपाधियों और अनगिनत पुरस्कारों तथा सम्मानों से विभूषित पं. ओंकारनाथ ठाकुर एक अभिनय कुशल गायक थे। वे सम्मोहित कर लेते थे अपने श्रोताओं को। पक्षाघात तथा अन्य बीमारियों से जूझते हुए पं. ओंकारनाथ ठाकुर 29 दिसंबर 1967 को इस नश्वर संसार को छोड़ गए, परंतु उनके गायन के अनगिनत रिकॉर्ड और टेप आज भी लाखों संगीत प्रेमियों के हृदय में उन्हें जीवित रखे हुए हैं।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 115वीं जयन्ती पर संगीत-मार्तण्ड ओंकारनाथ ठाकुर का स्मरण (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल) रेडियो प्लेबॅक इंडिया (ब्लॉग)। अभिगमन तिथि: 20 अक्टूबर, 2012।
  2. 2.0 2.1 2.2 संगीत की एक महान् विरासत छोड़ गए पं. ओंकारनाथ ठाकुर (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल) हिन्दी मीडिया इन। अभिगमन तिथि: 20 अक्टूबर, 2012।
  3. 3.0 3.1 'वन्देमातरम' गीत का एक और नवीन प्रयोग (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) आवाज़। अभिगमन तिथि: 29 दिसम्बर, 2012। 

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