ऊँट  

ऊँट विषय सूची
ऊँट
ऊँट
जगत जंतु (Animalia)
संघ कौरडेटा (Chordata)
वर्ग स्तनधारी (Mammalia)
गण आर्टियोडैकटिला (Artiodactyla)
कुल कैमलिडाए (Camelidae)
जाति कैमेलस (Camelus)
प्रजाति बॅक्ट्रिऍनस (bactrianus)
द्विपद नाम कॅमलस बॅक्ट्रिऍनस (Camelus bactrianus)
संबंधित लेख गाय, भैंस, हाथी, घोड़ा, सिंह, बाघ
अन्य जानकारी अरबी ऊँट के एक कूबड़ जबकि बैकट्रियन ऊँट के दो कूबड़ होते है। अरबी ऊँट पश्चिमी एशिया के सूखे रेगिस्तान क्षेत्रों के जबकि बैकट्रियन ऊँट मध्य और पूर्व एशिया के मूल निवासी हैं। इसे रेगिस्तान का जहाज़ भी कहते हैं।

ऊँट (अंग्रेज़ी:Camel) एक विशालकाय और बहुत ही सहनशील पशु है जो कैमलायडी कुल का सदस्य है जो मेमेलिया वर्ग में आती है। अरबी ऊँट के एक कूबड़ जबकि बैकट्रियन ऊँट के दो कूबड़ होते है। अरबी ऊँट पश्चिमी एशिया के सूखे रेगिस्तान क्षेत्रों के जबकि बैकट्रियन ऊँट मध्य और पूर्व एशिया के मूल निवासी हैं। इसे रेगिस्तान का जहाज़ भी कहते हैं। यह रेतीले तपते मैदानों में 21-21 दिन तक बिना पानी पिये चल सकता है। इसका उपयोग सवारी और सामान ढोने के काम आता है।

सामान्य परिचय

ऊंट दो प्रकार के होते हैं- अरब या एक कूबड़ वाला ऊंट जिसे कैमेलसड्रोमेडेरियस कहते हैं तथा 2 कूबड़ वाला ऊंट जिसे कैमेलस बैक्ट्रिएनस कहते हैं। यह पशु अब जंगलों में नहीं पाया जाता है। भारत में केवल एक कूबड़ वाला ऊंट ही पाया जाता है। राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब आदि प्रान्तों में ऊंटों की संख्या ज्यादा है। 1966 की गणना के अनुसार विश्व में लगभग 50 लाख ऊंट थे, जिसमें से भारत में 10 लाख हैं। भारत के कुल ऊंटों की आधी संख्या राजस्थान में है। ऊंट एक विशाल और मजबूत व ऊंचा पशु है जिसकी ऊंचाई 2 मीटर से 3 मीटर तक हो सकती है।

शारारिक बनावट एवं खान-पान

ऊंट की टांगे और गर्दन लम्बी तथा पीठ पर एक बडा सा कूबड़ होता है। इसके पैरों में गद्दियां होती है। नथुने पतले होते हैं जिस कारण से रेत नाक में नहीं जाती। इसके पहले और दूसरे अमाशयों की दीवारों में जल संचिकाएं होती है तथा कूबड़ में वसा भरी रहती है। यह पशु 25 लीटर तक जल का भण्डारण कर सकता है। इसके दांत नुकीले होते हैं तथा जुगाली के अलावा लड़ाई में भी दांतों का प्रयोग करता है। और एक ही स्थान पर खाने के बजाय चरना ज्यादा पसन्द करता है और मोटी-झोटी वनस्पति भी चाव से खाता है। भुसा, मौठ, मूंग, चना आदि का पूरक चारा भी दिया जाता है। ऊंट को ताजा फिटकरी भी पिलाई जाती है। यह पशु 5 वर्ष की उम्र में जवान हो जाता है और 40-50 वषरें तक जीता है। ऋतुकाल में नरपशु मदान्ध हो जाता है। शोर मचाता है, एक बार में एक मादा एक बच्चे को जन्म देती है तथा गर्भावधि 11-13 महीने की होती है। ऊंटनी अपने बच्चे को एक वर्ष तक दूध पिलाती है।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. यशवन्त कोठारी का आलेख : रेगिस्तान का जहाज : ऊंट (हिंदी) रचनाकार। अभिगमन तिथि: 20 अक्टूबर, 2017।
  2. मरुप्रदेश के परिप्रेक्ष्य में ऊँट का परिचय (हिंदी) igcna.nic.in। अभिगमन तिथि: 26 अक्टूबर, 2017।
  3. ऊँट की चाल (हिंदी) igcna.nic.in। अभिगमन तिथि: 26 अक्टूबर, 2017।
  4. मारवा में ऊँट की सवारी तथा परंपराएँ (हिंदी) igcna.nic.in। अभिगमन तिथि: 26 अक्टूबर, 2017।
  5. ऊंट के बारे में ख़ास बातें जाने (हिंदी) हिन्दी पॉट। अभिगमन तिथि: 20 अक्टूबर, 2017।
  6. रेगिस्तान का जहाज़ (हिंदी) हिन्दी सोच। अभिगमन तिथि: 20 अक्टूबर, 2017।
  7. ऊंट के बारे में रोचक जानकारी (हिंदी) achi tips। अभिगमन तिथि: 20 अक्टूबर, 2017।

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