अयोध्या प्रसाद खत्री  

अयोध्या प्रसाद खत्री
अयोध्या प्रसाद खत्री
पूरा नाम अयोध्या प्रसाद खत्री
जन्म 1857 ई.
जन्म भूमि सिकंदरपुर, ज़िला बलिया (उत्तर प्रदेश)
मृत्यु 4 जनवरी, 1905
मृत्यु स्थान मुजफ़्फ़रपुर, बिहार
अभिभावक जगजीवन लाल खत्री
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र अध्यापक, पेशकार
मुख्य रचनाएँ 'खड़ी बोली का पद्य' (1880)
भाषा हिंदी
नागरिकता भारतीय
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

अयोध्या प्रसाद खत्री (अंग्रेज़ी: Ayodhya Prasad Khatri, जन्म: 1857 - मृत्यु: 4 जनवरी, 1905) हिन्दी खड़ी बोली के आरम्भिक प्रबल समर्थक थे। यह मुजफ़्फ़रपुर (बिहार) में कचहरी में पेशकार थे।

जीवन परिचय

अयोध्या प्रसाद खत्री का जन्म 1857 ई. में सिकंदरपुर, ज़िला बलिया (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उत्तर प्रदेश 1857 के सिपाही विद्रोह के कारण अंग्रेज़ों के जुल्म का ज़्यादा शिकार हुआ, जिसके कारण इनके पिता श्री जगजीवन लाल खत्री अपने गाँव सिकंदरपुर से अन्य परिवारों की तरह विस्थापित होकर मुजफ़्फ़रपुर (बिहार) आकर बस गए और जीवन व्यतीत करने के लिए कल्याणी में किताबों की दुकान खोल ली। अयोध्या प्रसाद खत्री के पिता ने बचपन से ही इनको सूरदास, तुलसी के दोहे सुनाए और इनकी माता ने इनको गीता कंठस्थ करा दी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 और खडी बोली का आंदोलन (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) जन विकल्प (ब्लॉग)। अभिगमन तिथि: 29 दिसम्बर, 2012।

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=अयोध्या_प्रसाद_खत्री&oldid=617498" से लिया गया